कोमला कंदौली स्थित गोवंश विहार में अवैध रूप से तालाब खोदकर मछली पालन का धंधा करने का मामला प्रकाश में आया है। इसकी शिकायत पर मुख्य विकास अधिकारी ने जांच के आदेश कर दिए हैं। जांच की जिम्मेदारी एसडीएम गभाना को दी गई है। उन्हें 15 दिन में जांच रिपोर्ट देने को कहा गया है।
छुट्टा गोवंश के संरक्षण के लिए प्रशासन ने पीपीपी माडल पर गभाना के गांव कोमला कंदौली में प्रदेश का पहला गोवंश विहार विकसित करने का फैसला लिया था। इसके लिए गाजियाबाद के रमेश चंद्र चैरिटेबल ट्रस्ट से अनुबंध किया गया। गोवंश विहार के लिए कोमला कंदौली ग्राम पंचायत में 56 हेक्टेयर सरकारी जमीन मुफ्त में ट्रस्ट को दी गई। शर्त यह थी कि यह भूमि केवल गोवंश के संरक्षण में ही उपयोग की जाएगी। जमीन पर चारा बोया जाएगा। इसके अलावा यहां भविष्य में दूध और उससे बने उत्पादों को तैयार कर बाजार में बेचा जाएगा। गायों के गोबर से भी गोबर गैस प्लांट आदि लगाए जाएंगे।
ताकि यह गोवंश विहार स्वायत्त हो सके। राजस्व परिषद ने भी इन्हीं शर्तों पर एनजीओ को जमीन दी। लेकिन अब इस गोवंश विहार में नियमों के खिलाफ मछली पालन का धंधा हो रहा है। तालाब भी खोदा गया है। इसकी जानकारी मिलने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। प्रकरण में मुख्य विकास अधिकारी अंकित खंडेलवाल ने जांच के आदेश कर दिए हैं । एसडीएम गभाना को जांच की जिम्मेदारी दी गई है । सीडीओ ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। यदि कुछ भी नियम विरुद्घ पाया गया तो संबंधितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।