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Aligarh News: निगम के अतिक्रमण अभियान का विरोध, व्यापारियों ने मेयर को घेरा

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रसलगंज चौराहे पर मेयर का घेराव करते व्यापारी। स्रोत : व्यापारी
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नगर निगम के अतिक्रमण विरोधी अभियान से नाराज व्यापारियों ने बृहस्पतिवार को रसलगंज से गुजर रहे मेयर प्रशांत सिंघल का घेराव कर लिया। व्यापारियों ने प्रवर्तन दस्ते की कार्रवाई को गलत बताते हुए आरोप लगाया कि इससे कारोबार पर प्रभाव पड़ रहा है। मेयर ने मौके पर ही यातायात पुलिस के दरोगा व पुलिस कर्मियों को व्यवस्था सुधारने व ई- रिक्शा चालकों को नियंत्रित करने के निर्देश दिए।
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रसलगंज बाजार में नगर निगम की प्रवर्तन टीम बृहस्पतिवार को सड़क किनारे से अतिक्रमण हटवा रही थी। इसी दाैरान मेयर प्रशांत सिंघल जब बाजार पहुंचे तो व्यापारियों ने उन्हें घेर लिया। व्यापारियों ने नगर निगम की प्रवर्तन कार्रवाई का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई उनके लिए परेशानी का कारण बन रही है।

व्यापारियों ने मेयर से कार्रवाई रुकवाने की मांग की। उन्होंने दुकानों के बाहर से अतिक्रमण हटाने पर आपत्ति जताई। नाराजगी जताते हुए कहा कि आए दिन प्रवर्तन दल दुकानदारों पर आरोप लगाता है कि वे जानबूझकर ई-रिक्शा वालों को दुकान के सामने खड़ा कराते हैं और बदले में उनसे रुपये लेते हैं।
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मेयर ने व्यापारियों की शिकायतें सुनकर तुरंत ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को बुलाया। मेयर ने रसलगंज बाजार में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने का निर्देश दिए। उन्होंने ई-रिक्शा चालकों को नियंत्रित करने के लिए भी कहा। मेयर प्रशांत सिंघल ने बताया कि शहर को स्वच्छ एवं अतिक्रमणमुक्त बनाने की मुहिम चलाई जा रही है। इसमें व्यापारियों व नागरिकों से सहयोग की अपील की जा रही है।

रसलगंज में व्यापारियों ने लगाया अभद्रता व सामान फेंकने का आरोप

रसलगंज में चल रहे अभियान की व्यापारियों ने भाजपा से जुड़े व्यापारी नेता मोनू अग्रवाल से भी शिकायतें की। व्यापारियों का आरोप है कि प्रवर्तन टीम अभियान के दौरान अभद्र व्यवहार कर रही है और दुकानों का सामान फेंका जा रहा है। उनका कहना है कि इससे उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानी भी उठानी पड़ रही है।

व्यापारियों की बात सुनने के बाद मोनू ने उनके समर्थन में कहा कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नियमों के तहत होनी चाहिए लेकिन व्यापारियों के सम्मान और अधिकारों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रवर्तन टीम के कुछ अधिकारियों का व्यवहार उचित नहीं है। यदि उत्पीड़न इसी तरह जारी रहा तो व्यापारी आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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