रसगवां गांव निवासी दिनेश बघेल बीटेक किए हुए है। उसने पंजाब से बीटेक किया था। बीटेक करने के कुछ समय बाद तक वह गांव में रहा और किसी कारोबार को शुरू करने के लिए प्लानिंग करने लगा। लेकिन इसी बीच वह मलेशिया चला गया। वहां भी उसने कई साल नौकरी की।
कृतार्थ की हत्या में जेल गया डीएल पब्लिक स्कूल का प्रबंधक दिनेश बघेल मलेशिया से नौकरी करके अपने गांव वापस लौटा था। उसने वहां से आने के बाद ही रसगवां गांव में स्कूल खोल लिया था। इस स्कूल के लिए उसने आसपास के गांवों में महीनों संपर्क किया था।
विज्ञापन
रसगवां गांव निवासी दिनेश बघेल बीटेक किए हुए है। उसने पंजाब से बीटेक किया था। बीटेक करने के कुछ समय बाद तक वह गांव में रहा और किसी कारोबार को शुरू करने के लिए प्लानिंग करने लगा। लेकिन इसी बीच वह मलेशिया चला गया। वहां भी उसने कई साल नौकरी की। बताया जाता है कि किसी के साथ मिलकर मलेशिया में कारोबार भी किया था लेकिन बाद में गांव लौट आया और स्कूल खोल लिया।
सियासी लोगों से भी बना लिए थे गहरे रिश्ते
दिनेश ने सियासी लोगों से भी अपने गहरे रिश्ते बना लिए थे। उसके स्कूलों के कार्यक्रम में सियासी गलियारों में अपना बड़ा नाम रखने वाले लोग भी पहुंचते थे। चाहें स्कूल का फाउंडेशन दिवस का कार्यक्रम हो या फिर कोई दूसरा आयोजन। कुछ लोग तो यहां तक कहते हैं कि दिनेश अपनी गाड़ी पर सियासी पार्टियों का झंडा लगाकर चलता है।