मानक पर खरा उतरने वाले धावकों को ही राष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में प्रमाणपत्र मिलेगा। दरअसल, एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने नए साल में धावकों के लिए मानक तय कर दिए हैं।
कोरोना काल से गुजरने के बीच एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया भी निरंतर नए नियम बनाता रहा है। कभी धावकों की असल उम्र जानने के तरीके, कभी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन तो कभी डिजिटल के जरिये भुगतान। वजह, खिलाड़ी व फेडरेशन के बीच पारदर्शिता की डोर को और मजबूत करना है। इस बार एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया टेक्निकल कमेटी ने धावकों के लिए दौड़ अवधि तय कर दी है।
अंडर-14, 16, 18, 20 व महिला व पुरुष वर्ग के धावकों को राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रमाणपत्र हासिल करना है, तो उन्हें टेक्निकल कमेटी की ओर से तय मानक के अनुसार दौड़ का समय निकालना होगा। मसलन, महिला धावक को 100 मीटर दौड़ 12.10 सेकेंड तक व पुरुष धावक 100 मीटर की दौड़ 10.60 सेकेंड में पूरी करने वाले को ही प्रमाणपत्र दिया जाएगा। इससे ज्यादा समय निकालने धावक प्रमाणपत्र से महरूम रह जाएंगे।
पहले समय निर्धारित नहीं था। इसलिए राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शामिल होने वाले सभी धावकों को प्रमाणपत्र मिल जाता था। मगर, अब उन्हें प्रमाणपत्र मिलेगा, जो टेक्निकल कमेटी के मानक के अनुसार दौड़ में समय निकालेगा। जिन्हें प्रमाणपत्र लेना होगा, वह मेहनत करेंगे।
शमशाद निसार आजमी, संयुक्त सचिव यूपी एथलेटिक्स एसोसिएशन