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अलीगढ़ः अब किसानों को उनकी जमीन और जोत के अनुसार मिलेंगे उर्वरक

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जिले में किसानों द्वारा जरूरत से अधिक डीएपी, एनपीके व एसएसपी की खरीद से चिंतित प्रशासन ने इस प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए कमर कस ली है। इसके लिए पांचों तहसीलों में एसडीएम के नेतृत्व में टीमें गठित कर ली गई हैं। अब किसानों को उनकी जोत और जमीन के आधार पर ही उर्वरक मिल सकेगा। यह टीमें खाद बीज की दुकानों पर चेकिंग कर उर्वरक खरीदने वाले किसानों के आंकड़े जुटाएंगे और उनकी जमीन व जोत की स्थिति को देखते हुए वांछित मात्रा में उर्वरक खरीद सुनिश्चित कराएंगे। ओवर रेटिंग एवं टैगिंग रोकने के लिए भी निरंतर चेकिंग करेंगे।
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जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे ने बताया कि कृषि विभाग ने किसानों को उनकी जोत व कृषि भूमि के आधार पर ही उर्वरकों की आपूर्ति देने के आदेश दिए हैं। मामले पर नजर रखने के लिए नियमित चेकिंग व शिकायतों की सुनवाई की व्यवस्था की गई है। विक्रेताओं को ताकीद दी गई है कि वे उर्वरक वितरण रजिस्टर पर कृषकों की जोत, बही, खतौनी एवं बोई जाने वाली फसल का विवरण अंकित करके ही उर्वरक बेचें। एसडीएम के नेतृत्व में गठित टीमें इन सभी विवरणों का सत्यापन करें। यदि कोई उर्वरक विक्रेता अधिकतम खुदरा मूल्य पर उर्वरक बिक्री करता मिले तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
यह हैं चेकिंग टीमें
-कोल तहसील-एसडीएम कोल के नेतृत्व में उप निदेशक कृषि यशराज सिंह
-खैर तहसील-एसडीएम खैर के नेतृत्व में जिला कृषि अधिकारी डा.रामप्रवेश
-इगलास तहसील-एसडीएम इगलास के नेतृत्व में जिला कृषि रक्षा अधिकारी अमित जायसवाल
-गभाना तहसील-एसडीएम गभाना के नेतृत्व में जिला उद्यान अधिकारी डॉ.धीरेंद्र सिंह
-अतरौली तहसील-एसडीएम अतरौली के नेतृत्व में उप संभागीय कृषि प्रसार संतोष प्रभाकर
जिले में पर्याप्त मात्रा में है उर्वरक
अलीगढ़। जिला कृषि अधिकारी रामप्रवेश ने बताया कि जिले में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक मौजूद है। 8 नवंबर तक 2964 मीट्रिक टन डीएपी, 701 मीट्रिक टन एनपीके एवं 136 मीट्रिक टन एसएसपी उर्वरक उपलब्ध था। 9 नवंबर को एनएफएल डीएपी 400 मीट्रिक टन, 10 नवंबर को इंडोरामा एनपीके मात्रा 800 मीट्रिक टन आएगा। 12 नवंबर को महाधन एनपीके 800 मीट्रिक टन आएगा। 15 नवंबर को आईपीएल डीएपी 1100 मीट्रिक टन की रैक एवं 16 नवंबर को आरसीएफ डीएपी 1300 मीट्रिक टन की रैक लगेगी। जनपद में डीएपी एवं एनपीके उर्वरक लगातार आता रहेगा। यदि कोई भी उर्वरक विक्रेता अंकित मूल्य से अधिक मूल्य पर उर्वरक का विक्रय करता है या अन्य कम प्रचलित उर्वरक या अन्य उत्पाद जबदस्ती टैग करता है तो उसकी शिकायत कंट्रोल रूम के दूरभाष संख्या 0571-2742581 पर करें। उन्होंने बताया कि कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार 1 एकड़ आलू फसल उत्पादन के लिए दो बोरी यूरिया, दो बोरी डीएपी और 68 किलोग्राम एमओपी अथवा दो बोरी यूरिया, 132 किलोग्राम एनपीके एवं 34 किग्रा एमओपी की आवश्यकता होती है। इसके अतिरिक्त कैल्शियम नाइट्रेट 25 किलोग्राम, सल्फर दानेदार 10 किलोग्राम, जिंक सल्फेट 33.5 किलोग्राम प्रति एकड़ देने से भरपूर आलू का उत्पादन प्राप्त होता है।
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