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रामघाट रोड को बर्बाद करने वालों को नोटिस जारी

Fri, 23 Mar 2018 01:48 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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पीएसी पेट्रोल के पास जीटी रोड पर भरा पानी। - फोटो : अमर उजाला
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आशीष निगम
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तालानगरी पर जर्जरहाल हुए रामघाट रोड का काम पीडब्ल्यूडी ने अधूरा छोड़ दिया है। यहां के किमी नंबर 8, 9 और 10 में सड़क बेहद खराब है। कुछ जगह गड्ढे भरे गए तो कहीं सड़क पर हाट मिक्स प्लांट से डेढ़ इंच की नई सड़क बनाई गई। इसके लिए हाल ही में एक करोड़ 45 लाख का बजट मंजूर हुआ, लेकिन केवल दस फीसदी रकम मिलने से काम रुक गया। सड़क निर्माण के जानकारों की मानेें तो ये सड़क बेरोकटोक दौड़ते जबरदस्त ओवरलोड वाहनों, सड़क पर बिल्डिंग मैटीरियल्स फैलाने, जलनिकासी करने और मिट्टी की एक के बाद एक चढ़ती परतों से खराब हुई है। वर्तमान में वसुंधरा फिलिंग स्टेशन पेट्रोल पंप के पास जलभराव से इस रोड का सीमेंटेड हिस्सा कट रहा है। 

अब ऐसे लोगाें पर पीडब्ल्यूडी ने शिकंजा कस दिया है। तकरीबन सौ से अधिक ऐसे लोगों को चिह्नित कर उनको रोड साइड लैंड कंट्रोल एक्ट 1945 के तहत लीगल नोटिस जारी किया गया है। इसमें तालानगरी में संचालित डीपीएस, पारस ज्योति लॉन एंड होटल, वंसुधरा फिलिंग पेट्रोल पंप, चौधरी ढाबा, श्री लाल जैन फार्म हाउस, सनराइज प्लाजा जैसे प्रतिष्ठान शामिल हैं। हरदुआगंज में बलवीर सिंह, उदय सिंह, प्रमोद कुमार, राजेश कुमार, उमेश चंद्र, बृजेश कुमार और अजय कुमार को भी ये नोटिस दिए गए हैं। इस तरह से नवंबर से अब तक लगभग सौ से अधिक नोटिस जारी किए गए हैं, लेकिन किसी भी पक्ष ने कोई जवाब नहीं दिया है।  
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पीडब्ल्यूडी नोडल आफिस के सहायक अभियंता सुनील कुमार चौहान ने बताया कि एक्ट की धारा 5/6 के तहत पीडब्ल्यूडी की सड़क पर जलनिकासी, सड़क के दोनों ओर बने नालों पर कब्जा करने, अनावश्यक रूप से सड़क पर सामान फैलाने, गंदगी फैलाने, बिना अनुमति के सड़क की जमीन पर निर्माण करने वालों को नोटिस दिया जाता है, जिनसे सड़क प्रभावित होती है। अगर जिलाधिकारी की अनुमति के बिना कोई निर्माण हुआ है तो अतिक्रमण ढहाने की कार्रवाई होती है। पेट्रोल पंप वाले तो निर्माण कार्य से पहले पीडब्ल्यूडी से अनुमति लेते हैं, लेकिन बाकी लोग नहीं लेते हैं।

अनुमति लेने के बाद भी पेट्रोल पंप संचालक अधिकांशत: सड़क के नालों को कवर कर आने जाने का रास्ता बना लेते हैं। ये भी नियमों का उल्लंघन है। नाले की जलनिकासी नहीं रोकनी चाहिए। ऐसे नोटिस की एक-एक प्रति जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी, संबंधित थाने के एसओ और संबंधित विभागों को दी जाती है। इसके बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर ऐसे निर्माण कार्य हटवाए जाते हैं। अलीगढ़ पलवल रोड पर खैर और दूसरे कस्बों में ऐसे 100 से अधिक नोटिस दिए गए हैं। रामघाट रोड और अलीगढ़ पलवल रोड पर दिए गए नोटिसों पर किसी भी पक्ष ने कोई जवाब नहीं दिया है। जबकि जमालपुर के पास फिरदौस नगर में और पूर्व विधायक भगवती प्रसाद सूर्यवंशी के गांव में हाईकोर्ट के आदेश पर ऐसे अवैध निर्माण ढहाए जा चुके हैं। 
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रामघाट रोड को बेहतर रखने के लिए इसको नुकसान पहुंचाने वालाें को नियमानुसार रोड साइड लैंड कंट्रोल एक्ट के नोटिस दिए गए हैं। किसी ने भी नोटिस का जवाब नहीं दिया है। इससे जिलाधिकारी को अवगत करा रहे हैं। उनका निर्देश मिलने के बाद इस प्रकरण में अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जाएगा। जिससे सड़क को सुरक्षित रखा जा सके। 
-अल हसन मंसूर सिद्दीकी, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी 
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