स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए शासन-प्रशासन के तमाम प्रयासों के बावजूद मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सीएचसी बिजौली के अंतर्गत आने वाले तीनों प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की हालत बदतर है। भीषण गर्मी पड़ रही है, ऐसे में कहीं इन्वर्टर तो कहीं ट्रांसफार्मर खराब होने से पंखे तक नहीं चल पा रहे हैं, जिससे मरीज उमस-गर्मी में बुरी तरह से तप रहे हैं। पीने का पानी भी मयस्सर नहीं होता है।
सीएचसी के अंतर्गणत हरनोट भोजपुर, हरदोई और दादों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आते हैं, इसमें से पीएचसी हरदोई में पांच दिन पहले ट्रांसफार्मर फुंक गया है। बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण पंखे और अन्य जरूरी उपकरण बंद पड़े हैं। केंद्र के कर्मचारियों ने बताया कि करीब डेढ़ वर्ष पहले चोर इन्वर्टर चोरी कर ले गए थे, जिसके बाद से आज तक नया इन्वर्टर नहीं लगा है। बिजली जाने से गर्मी में मरीजों के साथ स्टाफ भी परेशान रहता है। पीएचसी पर रोजाना 70-80 मरीज आते हैं, इन दिनों सर्दी-बुखार, खांसी के मरीज ज्यादा आ रहे हैं।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरनोट भोजपुर का भी बुरा हाल है। बिजली जाने पर यहां इन्वर्टर की कोई व्यवस्था नहीं है। मुख्य द्वार के पास कूड़े का ढेर लगा है। बड़ी-बड़ी घास खड़ी है। दादों के पीएचसी की स्थिति भी बेहद खराब है। तीमारदारों के बैठने के लिए ब्रेंच और हवा के लिए पर्याप्त पंखों की व्यवस्था नहीं है। पेयजल की कोई समुचित व्यवस्था नहीं होने पर मरीजों को सरकारी हैंडपंप से पानी लेना पड़ता है। इन दोनों केंद्रों पर 70-80 मरीज प्रतिदिन आते हैं।
इनका कहना है-
पीएचसी दादों में पेयजल.ब्रेंच तथा पंखों की व्यवस्था कराई जाए, जिससे मरीज परेशान न हों। ज्ञान सिंह राजपूत
हरदोई पीएचसी पर पंखे नहीं चल रहे हैं, भीषण गर्मी में मरीज, तीमारदारों के साथ स्टाफ परेशान है। दुर्गेश कुमार, गांव रायपुर खास
हरनोट पीएचसी पर इन्वर्टर तक की व्यवस्था नहीं है। अस्पताल परिसर में गंदगी का अंबार लगा है, मरीज परेशान रहते हैं। प्रदीप यादव हरनौट
वर्जन
क्षेत्र की पीएचसी पर इन्वर्टर और पानी उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। जल्दी समस्या दूर की जाएगी। डॉ. नवीन कुमार, अधीक्षक सीएचसी बिजौली