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Aligarh News: स्मार्ट मीटर हटाने व किसानों की समस्याओं को लेकर किया प्रदर्शन

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स्मार्ट मीटर के विरोध में तहसील पर प्रदर्शन करते ग्रामीण - फोटो : samvad
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बिजली विभाग द्वारा लगाए गए स्मार्ट मीटर हटाने, बिजली दरें कम करने तथा किसानों को समय पर खाद और अनाज क्रय की सुविधा दिलाने की मांग को लेकर सोमवार को लोगों ने तहसील पर प्रदर्शन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम नारायण सिंह को सौंपा गया।
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जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र लोधी के नेतृत्व में ज्ञापन में कहा गया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं के बिजली बिल बढ़ रहे हैं। प्रीपेड व्यवस्था से भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मांग की गई कि स्मार्ट मीटर हटाकर बिजली की यूनिट दरें कम की जाएं। किसानों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा गया कि डीएपी और यूरिया समय पर उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। मक्का और बाजरा की फसलों में खाद की जरूरत होने के बावजूद पर्याप्त खाद नहीं मिल रही है। साथ ही विक्रेताओं पर अनावश्यक सामान देने का आरोप लगाया गया। ज्ञापन में पट्टाधारक किसानों को खाद उपलब्ध कराने, सरकारी क्रय केंद्रों पर उनका अनाज खरीदने तथा गांवों में 11 केवी की खुली बिजली लाइन को बंच लाइन में बदलने की मांग भी की गई। इस दौरान केपी मिस्त्री, सूरज लोधी, बसंत लाल, मनोज लोधी, शिशुपाल सिंह, रामभूल सिंह, देव पाराशर आदि मौजूद रहे।
अतरौली। बिजली विभाग द्वारा लगाए गए स्मार्ट मीटर हटाने, बिजली की दरें कम करने और किसानों को समय पर डीएपी-यूरिया व अनाज क्रय की सुविधा दिलाने की मांग को लेकर जिला पंचायत सदस्य पुष्पेन्द्र लोधी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम नारायण सिंह को सौंपा गया।
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ज्ञापन में कहा गया कि विद्युत विभाग द्वारा घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए लगाए गए स्मार्ट मीटर के बाद उपभोक्ताओं का बिजली बिल बढ़ने की शिकायतें आ रही हैं। प्रीपेड बिल जमा करने की व्यवस्था को लेकर भी लोग परेशान हैं। मांग की गई कि स्मार्ट मीटर हटाकर बिजली की यूनिट दर घटाई जाए।
किसानों से जुड़ी समस्याओं पर ज्ञापन में कहा गया कि सब्सिडी युक्त डीएपी और यूरिया समय पर उपलब्ध नहीं हो पाते, जिससे किसान कालाबाजारी का शिकार होते हैं। मक्का बाजरा के खेतों में इस वक्त खाद की जरूरत है लेकिन खाद नहीं मिल रहा है। विक्रेता अनावश्यक लगेज भी देते हैं। पट्टाधारक किसानों को नई रासायनिक खाद वितरण प्रणाली के तहत खाद नहीं मिल पाती और सरकारी क्रय केंद्रों पर उनका अनाज भी नहीं खरीदा जाता।
सरकारी क्रय केंद्रों पर अनाज खरीद प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाए, पट्टाधारक किसानों को उनके नाम पर खाद उपलब्ध कराई जाए और उनका अनाज भी सरकारी केंद्रों पर खरीदा जाए। साथ ही गांव-गांव में 11 केवी की खुली लाइन को बंच लाइन में बदलकर दुर्घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की गई। लोगों ने तहसील पर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
इस दौरान केपी मिस्त्री, सूरज लोधी, बसंतलाल, मनोज लोधी, शिशुपाल सिंह, रामभूल सिंह, देव पाराशर, रामबाबू, नरदेव, तेजवीर जितेंद्र कुमार, महीपाल आदि मौजूद रहे।
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