मलखान सिंह जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में बच्चों का उपचार कराते परिजन।
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जिले में बुखार और डेंगू ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। मलखान सिंह जिला चिकित्सालय की ओपीडी में बृहस्पतिवार को 1460 नए मरीज उपचार कराने पहुंचे। इसमें से करीब दस प्रतिशत से अधिक बुखार से पीड़ित हैं। डेंगू के दो मरीज चिकित्सालय में भर्ती हैं, जिनका उपचार चल रहा है। जिले में अभी तक डेंगू के पांच केस मिले हैं।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रामकिशन ने बताया कि कुल मरीजों में से 10 प्रतिशत से अधिक मरीज बुखार के आ रहे हैं। डेंगू और मलेरिया के अभी कम केस सामने आए हैं। वर्तमान में चिकित्सालय में डेंगू के दो मरीज भर्ती हैं, जिनका उपचार चल रहा है। पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में भी बुखार के मरीज पहुंच रहे हैं। सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय ने बताया कि जिले की सभी सीएचसी एवं पीएचसी पर दवाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। रसायन का छिड़काव का निर्देश दिया गया है। जिले में अभी तक डेंगू के पांच केस मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम नजर बनाए हुए है।
महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. रोहित मथुरा के कोंह गांव गए थे। उनके पास वहां का अनुभव है। उसका लाभ हमलोग ले रहे हैं। सभी प्रमुख चिकित्सालयों को डेंगू एवं बुखार के मरीजों के लिए वार्ड बनाने का निर्देश दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को किसी तरह की दिक्कत होने पर मलखान सिंह जिला चिकित्सालय, पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय एवं जेएन मेडिकल कॉलेज आदि में भेजने का निर्देश दिया गया है। केस निकलने पर कांटेक्ट ट्रेसिंग का निर्देश दिया गया है।
मथुरा के कोंह गांव के आठ नमूने धनात्मक
डेंगू की जांच के लिए मथुरा के कोंह गांव में बुखार से पीड़ित लोगों के व्यापक स्तर पर सैंपल लिए गए थे। मलखान सिंह जिला चिकित्सालय की लैब में गत दिनों 64 नमूने जांच के लिए आए थे। उसमें 8 लोग धनात्मक पाए गए हैं। रिपोर्ट मथुरा भेज दी गई है।
इस समय जलभराव खतरे से कम नहीं
महानगर में जलभराव बड़ी समस्या है। थोड़ी सी बारिश के बाद शहर के कई क्षेत्र जलमग्न हो जाते हैं। कुछ क्षेत्रों में पानी कुछ घंटों के बाद उतर जाता है, जबकि कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जहां कई दिनों तक जलभराव रहता है। नाले-नालियों की ठीक से सफाई नहीं होने के कारण भी जलभराव होता है। नगर निगम के विशेष अधिवेशन में जलभराव का मामला उठा था। पार्षद संजय पंडित ने बताया कि फिरोजाबाद एवं मथुरा की घटना के बाद भी अधिकारी गंभीर नहीं हैं।