विजयगढ़ कस्बे की एक गली में बंदरों का झुंड। संवाद
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बंदरों ने उत्पात मचाते हुए रविवार की शाम हाईटेंशन लाइन के दो बिजली के खंभों को तोड़ दिया, खंभा टूटने से एक टेंपो में सवार लोग बाल-बाल बच गए। बिजली के तारों के टूट गए। गनीमत रही कि बिजली नहीं आ रही थी, वरना हादसा होने की आशंका थी। कस्बे की बिजली आपूर्ति ठप हो गई है, जिसे देर रात तक सही किए जाने का कार्य चल रहा था। कस्बा के लोगों ने बंदरों को पकड़वाए जाने की मांग की है।
कस्बा में बंदरों का आतंक व्याप्त है, इसकी वजह से लोग रोजाना परेशान रहते हैं। रविवार को बिजली विभाग ने विद्युत कार्यों को सही करने के लिए सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक का शटडाउन लिया हुआ था। बताया गया है कि शाम करीब पांच बजे के करीब विजयगढ़-अकराबाद के बीच पेट्रोल पंप के पास बंदरों के झुंड ने हाईटेंशन लाइन के दो खंभों एक लोहे का और एक सीमेंट के खंभे को जोरों से हिलाते हुए गिरा दिया, जिससे एक टेंपो सवार लोग बाल-बाल बच गए। साथ ही बिजली विभाग द्वारा किए जा रहे कार्य ठप हो गए। विद्युत विभाग के एसडीओ सुनील कुमार का कहना था कि बिजली को शाम को पांच बजे शुरू किया जाना था लेकिन बंदरों के दो खंभों के तोड़े जाने से विद्युत आपूर्ति सुचारू करने में अभी कुछ समय और लग जाएगा। इसके कारण रात 9:30 बजे तक बिजली नहीं आई थी।
इनका कहना है
रोडवेज में ड्राइवर हूं। बंदरों के कारण बच्चों को स्कूल छोड़ने और लेने हम पति-पत्नी में से किसी एक को जाना पड़ता है। मनोज यादव
गोलगप्पे की ढकेल लगाता हूं, जिस पर बंदर कूदकर नुकसान कर जाते हैं, हर समय सजग रहना पडता है। मोर मुकट शर्मा
मिठाई की दुकान है, बंदरों के कारण एक मजदूर को दिनभर डंडा लेकर दुकान की रखवाली करनी पड़ती है। रवि कुमार वार्ष्णेय
पत्नी खाना बनाती है तो बच्चे डंडा लेकर बैठे रहते हैं, तभी खाना बन पाता है, चूकने पर बंदर सामान ले जाते हैं। सुरेश यादव पूर्व सदस्य नगर पंचायत