जो 10वीं और 12वीं में सर्वोत्तम अंक हासिल किए हैं, वह केवल पड़ाव है। मंजिल पाना बाकी है। तकनीकी के साथ आगे बढ़ें, जीवन में सफल होंगे। आगे इसी तकनीकी का समय आ रहा है।
-मयंक प्रताप सिंह, मार्केटिंग के सीनियर मैनेजर, मंगलायतन विवि
लक्ष्य को निर्धारित करके पढ़ाई करनी चाहिए। भविष्य में क्या बनना है? इस पर जोर होना चाहिए। शिक्षा के साथ संस्कार जरूरी है। दोनों चीजें जहां मिलें, उसी संस्था में प्रवेश लेना चाहिए।
-प्रो. सौरभ कुमार, वरिष्ठ शिक्षक, मंगलायतन विवि
तकनीकी और प्रतिभाएं आपस में हाथ मिला लें, तो सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है। दोनों पर जिस संस्था में जोर दिया जा रहा है, उसी में प्रवेश लेकर अपने भविष्य को सुदृढ़ बनाएं।
-ब्रिगेडियर समरवीर सिंह, कुलसचिव, मंगलायतन विवि
अमर उजाला और मंगलायतन विश्वविद्यालय की ओर से मेधावियों का सम्मान कार्यक्रम सराहनीय है। सम्मान मिलने से छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन होता है। आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
-निर्मल अग्रवाल, प्रधानाचार्या, विजडम पब्लिक स्कूल
मेधावियों के बोल
अमर उजाला और मंगलायतन विश्वविद्यालय का कार्यक्रम प्रोत्साहित करने वाला और उत्साहवर्धक रहा। सम्मान पाकर मैं बहुत खुश हूं।
-निशा
10वीं उत्तीर्ण करने के बाद ही सम्मान कार्यक्रम में उच्चाधिकारियों के हाथों से सम्मान मिलना मेरे लिए एक गर्व का अनुभव है।
-सूर्या गुप्ता
मंडलायुक्त और डायट प्राचार्य का वक्तव्य काफी प्रेरणादायक रहा है। मैं उनकी बातों पर अमल करने की पूरी कोशिश करूंगी।
-तनिष्का चौधरी
मंडलायुक्त का संबोधन प्रेरणादायक था। देश की तमाम प्रतिभाएं विदेश में सफलता की परचम लहरा रही हैं। हम भी इसी दिशा में आगे बढेंगे।
-अनुश्री गुप्ता