घटना 10 जून 2017 को सुबह 10 बजे की है। खेत को लेकर गांव के लोगों से विवाद चल रहा था। दो दिन पहले पैमाइश भी हुई थी। इस पैमाइश में पता चला कि विपक्षियों का खेत से कोई लेना देना नहीं है। भूमि विवाद में लाइसेंसी दुनाली बंदूक से गोली मारकर ग्रामीण की हत्या कर दी।
अलीगढ़ में अकराबाद के गांव शेखा में सात वर्ष पूर्व भूमि रंजिश में ग्रामीण की गोली मारकर हत्या में अदालत ने पिता व दो पुत्रों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। फैसला एडीजे-14 अमित कुमार तिवारी की अदालत ने सुनाया है। अदालत ने 41-41 हजार रुपये अर्थदंड भी निर्धारित किया है। जिसमें से आधी रकम पीड़ित पक्ष को देने के आदेश दिए हैं।
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अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी रविकांत शर्मा के अनुसार घटना 10 जून 2017 को सुबह 10 बजे की है। वादी मुकदमा महेशपाल सिंह के अनुसार उनका खेत को लेकर गांव के लोगों से विवाद चल रहा है। इसी विवाद के क्रम में दो दिन पहले पैमाइश भी हुई थी। इस पैमाइश में पता चला कि विपक्षियों का खेत से कोई लेना देना नहीं है।
घटना वाले दिन महेशपाल के भाई हरपाल सिंह अपने खेतों की तरफ जा रहे थे। तभी विपक्षी यदुवीर सिंह, उसके बेटे अंकित सिंह उर्फ डेनी व लोकेंद्र सिंह उर्फ लकी ने हरपाल की लाइसेंसी दुनाली बंदूक से गोली मारकर हत्या कर दी। हरपाल के तीन गोली लगीं और शहर के अस्पताल तक लाया गया। जहां मृत घोषित कर दिया गया।
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फायरिंग की आवाज पर गांव से पहुंची भीड़ ने यदुवीर व अंकित को मौके से दबोच लिया था। बाद में लोकेंद्र की गिरफ्तारी पुलिस स्तर से की गई। मामले में चार्जशीट के आधार पर सत्र परीक्षण हुआ। जिसमें साक्ष्यों व गवाही के आधार पर तीनों को दोषी करार देकर सजा सुनाई है।