राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह उत्तर प्रदेश के दो बार मुख्यमंत्री व एटा सांसद रहे। उन्हाेंने कई बार विधायक रहते अतरौली का विधानसभा में प्रतिनिधित्व किया। यहां तक कि उनके पुत्र राजवीर सिंह सांसद हैं और पुत्रवधू प्रेमलता वर्मा विधायक रह चुकी हैं।
इस बीच अम्मा से मशहूर कल्याण सिंह की पत्नी रामवती देवी कभी राजनीतिक मंचों नहीं दिखीं। लेकिन शुक्रवार को अतरौली के ब्लॉक प्रमुख के शपथग्रहण कार्यक्रम का नजरा कुछ अलग ही दिखा। अम्मा पहली बार न सिर्फ मंच पर आईं। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि की भूमिका भी निभाई। उनकी इस पहल से भाजपा कार्यकर्ता बेहद खुद हैं। बता दें, राजस्थान के गर्वनर कल्याण सिंह की पत्नी रामवती देवी गांव मढ़ौली में ही रहती हैं। बेटे राजू भैया और पुत्रवधु प्रेमलता वर्मा ने उनसे कई बार साथ चलने का आग्रह किया, पर उन्होंने गांव में रहना ही बेहतर समझा।
शशांक कौशिक ने नहीं ली शपथ
अतरौली। ब्लॉक प्रमुख पद के लिए ज्यादातर बीडीसी ने शपथ ले ली है। लेकिन पूर्व ब्लॉक प्रमुख और गहतोली निर्मल के वार्ड 52 से चुने गए क्षेत्र पंचायत सदस्य शशांक कौशिक इस शपथ ग्रहण समारोह में नहीं पहुंचे।
अम्मा ने यूं की शिरकत
कल्याण सिंह राजस्थान के गवर्नर हैं। उनका शपथ ग्रहण कार्यक्रम में आना नामुमकिन था। इसके अलावा कई कारणों से राजू भैया, प्रेमलता वर्मा और संजू भैया भी शपथ ग्रहण समारोह में नहीं आ सके। इस लिए कल्याण परिवार के बिना कार्यक्रम को भाजपाई अधूरा मान रहे थे। सो कार्यकर्ता मढ़ौली पहुंचे और अम्मा को मनाने के बाद बुला लाए। पहले तो उन्हाेंने मना कर दिया था। बाद में कार्यकर्ताओं के आग्रह को टाल नहीं सकीं।
लौटा दिया था लखनऊ से आया हेलीकॉप्टर
बात उन दिनों की है जब कल्याण सिंह यूपी के सीएम बने थे। उन्होंने रामवती देवी को लखनऊ बुलाने के लिए हेलीकॉप्टर भेजा था। मगर अम्मा ने मना करते हुए हेलीकॉप्टर लौटा दिया था। अम्मा का कहना है कि गांव के अलावा उनका मन कहीं नहीं लगता। लखनऊ, जयपुर या अलीगढ़ में नहीं रहतीं। हां कभी कभार नाती के कहने पर एक दो दिन के लिए घूमने चली जाती हैं।