दीपावली पर पूजा में इस्तेमाल किए जाने वाले खील-बतासे के रेट इस बार करीब 10-15 फीसदी तक बढ़ गए हैं। दुकानदारों के मुताबिक पिछले साल बतासे की कीमत 65 रुपये किलो थी। इस बार 75 रुपये किलो है। खील भी 85-90 रुपये प्रति किलो है, जो पिछली दीपावली पर 75 रुपये किलो थी।
बचत करना हो रहा मुश्किल
पुष्पांजलि निवासी अध्यापक अनिल गौड़ ने कहा कि दाम बढ़ने से थाली से दाल की कटोरी गायब होती जा रही है। आटा बढ़कर 35 से 40 रुपये किलो हो गया है। आम लोगों के लिए अपनी थाली में दोनों समय भोजन का जुगाड़ करना भारी पड़ रहा है। कमाई का बड़ा हिस्सा पेट भरने में चला जा रहा है और कोई बचत नहीं कर पा रहे हैं।
दीपावली पर पकवान का स्वाद फीका रहेगा
किशनपुर निवासी रिंकू ने कहा कि इस बार महंगाई की मार ऐसी पड़ी है कि मन-मुताबिक पकवान बनाने के मंसूबे पर पानी फिरता नजर आ रहा है। मैदा-सूजी, मेवा, तेल, देसी घी व रिफाइंड से लेकर पकवान बनाने के काम आने वाली हर चीज की कीमत आसमान छू रही है। इस बार दीपावली पर पकवान का स्वाद फीका ही रहेगा।