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अलीगढ़ः निर्यातक पर कस रहा आयकर विभाग का शिकंजा

Sun, 05 Dec 2021 02:02 AM IST
राजेश सिंह न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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निर्यातक रोहित अग्रवाल आयकर विभाग के शिकंजे में फंसते जा रहे हैं। उनके घर एवं फैक्टरी में लगातार तीसरे दिन आयकर विभाग के अधिकारियों की जांच जारी है। बड़ी मात्रा में सोना, नकदी एवं संपत्ति मिलने की चर्चा है। हालांकि, अभी आधिकारिक रूप से कोई पुष्टि नहीं कर रहा है। 
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आयकर विभाग दिल्ली की टीम ने बृहस्पतिवार की सुबह निर्यातक रोहित अग्रवाल के रानी लक्ष्मीबाई मार्ग स्थित आवास एवं सारसौल स्थित अन्नू ओवरसीज फैक्टरी पर एक साथ छापा मारा था। तीन दिन में आयकर की टीम द्वारा चप्पे-चप्पे की तलाशी ली जा चुकी है। घर एवं फैक्टरी में मौजूद लोगों के बयान रिकार्ड किए जा रहे हैं। यह भी कहा जा रहा है कि आयकर विभाग की टीम को भारी मात्रा में ज्वेलरी, नकदी एवं संपत्ति हाथ लगी है। ज्वेलर्स को बुलाकर ज्वेलरी का मूल्यांकन कराया गया है, जिसकी कीमत करोड़ों में है। देश के विभिन्न शहरों में करीब 100 स्थानों पर संपत्ति मिलने की भी चर्चा है।



निर्यातक के आय-व्यय से संबंधित विवरण को सावधानी से चेक किया जा रहा है। कंप्यूटर, लैपटॉप की छानबीन जारी है। यह भी कहा जा रहा है कि निर्यातक का कनेक्शन देश की मशहूर वाटर प्यूरीफायर कंपनी से हैं। वहीं से कनेक्शन मिलने के बाद निर्यातक रडार पर आए थे। देश के कुछ दूसरे शहरों में भी आयकर विभाग की टीम द्वारा जांच किए जाने के चर्चे है। पूरी स्थिति आयकर विभाग के अधिकारियों द्वारा ही स्पष्ट की जाएगी। अभी कोई बोलने बात करने को तैयार नहीं है। निर्यातक के परिवार के सदस्य भी अभी सामने नहीं आए हैं।  आयकर विभाग के स्थानीय अधिकारी इस संबंध में कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं। 
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निर्यातक के विदेश से आने का इंतजार
निर्यातक इन दिनों विदेश में हैं। उनके आने का इंतजार किया जा रहा है। चर्चा है कि कोविड प्रोटोकॉल के कारण आने में विलंब हो रहा है। यह भी चर्चा है कि निर्यातक के साथ चार लोग है। उसमें यहां के कुछ उद्यमी भी हैं। 

पलटे जा रहे पुराने पन्ने
आयकर विभाग के अधिकारी निर्यातक रोहित गोयल के पुराने पन्ने भी पलट रहे हैं। निर्यातक का परिवार पहले ज्वेलरी कारोबार से जुड़ा हुआ था। बाद में सारसौल में फ्लोर मिल शुरू की। सरकारी गेहूं के एक मामले में काफी विवाद हुआ था। उसके बाद फ्लोर मिल बंद हो गई। फिर हार्डवेयर एवं पार्ट्स आदि बनाने की फैक्टरी शुरू की। यह भी कहा जा रहा है कि जीएसटी द्वारा कुछ साल पहले निर्यातक के यहां जांच हुई थी। आयकर विभाग के अधिकारी पुराने पन्ने भी पलट रहे हैं। 
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