अलीगढ़ रेलवे जंक्शन पर यात्रियों को वर्ष 2022 में ढलान वाले फुट ओवर ब्रिज की सौगात मिलने वाली है। कोरोनाकाल से बंद पड़ा काम फिर से रफ्तार पकड़ने लगा है। प्लेटफार्म नंबर एक पर पिलर के ऊपर गार्डर वेल्डिंग का कार्य शुरू हो चुका है। प्लेटफार्म तीन व चार पर अंतिम पिलर तैयार किया जा रहा है। सांसद सतीश गौतम की पहल पर यह सौगात शहरवासियों को मिलेगी।
रेलवे स्टेशन अधीक्षक डीके गौतम ने बताया कि अलीगढ़ रेलवे स्टेशन पर 2014 में हावड़ा की तरफ फुट ओवरब्रिज की सौगात मिली थी। विगत वर्षों में यहां पर लिफ्ट लग चुकी है। इसके बाद 2016 से दिल्ली की तरफ ढलान वाले फुट ओवरब्रिज की मांग शुरू हो गई थी। ब्रिज न होने के चलते यात्रियों को काफी चलना पड़ता है। इस पर सांसद सतीश गौतम ने 2017 में पहल की। 2018 में ढलान वाला फुट ओवर ब्रिज मंजूर हो गया। 2019 में इसका शिलान्यास हुआ था। कोरोना के चलते काम बंद हो गया। अब यह काम फिर से रफ्तार के साथ शुरू हो गया है।
120 मीटर का होगा ढलान
फुट ओवर ब्रिज पर चढ़ने के लिए 120 मीटर का ढलान तैयार किया जा रहा है। यह ब्रिज एक नंबर प्लेटफार्म से सात नंबर तक बन रहा है। प्लेटफार्म से ब्रिज तक 120 मीटर की ढलान रहेगी। इससे दिव्यांग, बुजुर्ग व महिला यात्रियों को काफी लाभ मिलेगा। ओवरब्रिज के पिलर 20 फीट नीचे से बनाए जा रहे हैं।
हटाए जाएंगे टीनशेड, ऊंचा होगा इंफ्रास्ट्रक्चर
फुट ओवर ब्रिज से सभी प्लेटफार्म के टीनशेड हटाए जाएंगे। क्योंकि यह टीनशेड फुट ओवरब्रिज के तल के बराबर हैं। प्लेटफार्म से लेकर ब्रिज तक की ढलान टीनशेड की ऊंचाई के बराबर हैं। इसीलिए प्लेटफार्म के पहले टीनशेड हटेंगे, तब ढलान के ऊपर का इंफ्रास्ट्रक्चर दोबारा से बनाया जाएगा।