दिवाली का त्योहार विजय के साथ सुख, समृद्धि और प्रगति का प्रतीक माना जाता है, इसलिए दिवाली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। पूजा के लिए भगवान गणेश की मूर्तियों में सूंड की दिशा को लेकर अलग-अलग मान्यता हैं। मूर्ति कारोबारी कपिल वार्ष्णेय कहते हैं कि देश के कुछ क्षेत्रों से लोग आशीर्वाद वाले हाथ की ओर सूंड की मांग करते हैं तो कुछ क्षेत्रों में लड्डू वाले हाथ की ओर सूंड की मांग रहती है। इसलिए दोनों तरह की मूर्तियां तैयार कराई गई हैं।
मूर्ति कारोबार से जुड़े हैं 3000 परिवार
अलीगढ़ में मूर्ति कारोबार लगातार बढ़ रहा है। ऐसा इसलिए है कि पिछले कुछ सालों से कुशल कारीगरों द्वारा मूर्तियों की फिनिशिंग पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। इस कारण मूर्तियां ज्यादा आकर्षक हैं। इसके चलते देश और विदेश में अलीगढ़ की मूर्तियों की मांग बढ़ रही है। मूर्ति कारोबार में रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। वर्तमान में करीब 3000 परिवार मूर्ति करोबार से जुड़े हैं। इनमें ढलाई, पॉलिश, शृंगार, विक्रेता शामिल हैं। इस समय शहर में 50 बड़े मूर्ति कारोबारी हैं।
इन क्षेत्रों में है मूर्ति कारोबार
जयगंज
सेंटर प्वाइंट
पला रोड
सासनीगेट
आईटीआई रोड
जेल रोड
नौरंगाबाद