बताया कि दीपू के यशोदा से संबंध थे। दीपू से महिला पैसे मांगती थी। दीपू ने पैसे देने से मना कर दिया और पति को भी संबंधों के बारे में पता चल गया। इसके बाद यशोदा ने अपने भाई राजकुमार के साथ हत्या की योजना बनाई। घटना से पहले एक होटल में यशोदा के सामने दीपू ने शराब पी थी। दीपू जब नशे में हो गया, तो उसने अपने भाई को बुलाया। इसके बाद तीनों स्कूटी से घटनास्थल पर पहुंचे।
इसी दौरान राजकुमार ने ईंट से दीपू के सिर पर वार किया। चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी। फिर शव को नाले में फेंक दिया। पुलिस ने यशोदा व राजकुमार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। सत्र परीक्षण, साक्ष्य व गवाही के आधार पर अदालत ने यशोदा व राजकुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।