राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (नेशनल अचीवमेंट सर्वे) 2017 में जनपद की स्थिति खास नहीं थी। कक्षा तीन के विद्यार्थियों को ब्लू जोन और कक्षा पांच के विद्यार्थियों को रेड जोन में रखा गया था। हालांकि, कक्षा आठ की स्थिति संतोषजनक थी तो जनपद को ग्रीन जोन मिला था। शुक्रवार को हुई इस परीक्षा के बाद अब जनपद को अच्छी रैंकिंग की उम्मीद है।
नास (नेशनल अचीवमेंट सर्वे) परीक्षा गणित, भाषा, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के पाठ्यक्रम पर आयोजित होती है। परीक्षा में प्रयोगात्मक ज्ञान से संबंधित सवाल पूछे जाते हैं। 2017 की रैकिंग में भारत सरकार ने अलीगढ़ जिले को रेड जोन में रखा था। खराब रैंकिंग पर स्कूल महानिदेशक विजय किरन आनंद ने शिक्षा योजनाओं में कई बदलाव किए। पांच सितंबर 2019 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिशन प्रेरणा योजना को लांच किया। विद्यालय के इंफ्रास्ट्रक्चर को सुधारने के लिए ऑपरेशन कायाकल्प को लागू किया। लर्निंग आउटकम को बेहतर करने के लिए शिक्षकों के एकेडमिक सपोर्ट टीम एसआरजी, एआरजी और संकुल शिक्षक को तैयार किया गया। शुक्रवार को हुई नास की परीक्षा से अधिकारी, शिक्षक यह आस लगाए हैं कि इस बार ब्लू जोन और रेड जोन से जनपद ग्रीन जोन में पहंच जाए।
मुख्यमंत्री योगी के मिशन प्रेरणा योजना से काफी बदलाव हुए हैं। ऑपरेशन कायाकल्प में जिस प्रकार अलीगढ़ पिछले साल रेड जोन से ग्रीन जोन में पहुंच गया था। उसी प्रकार जनपद के बच्चे इस साल बेहतर प्रदर्शन करेंगे। - संजीव शर्मा, सदस्य यूपीएसआरजी, मिशन प्रेरणा उप्र।
उप शिक्षा निदेशक ने किया परीक्षा का निरीक्षण
- जनपद के 212 केंद्रों पर हुई नास 2021 की परीक्षा के लिए 301 शिक्षकों को जांच के लिए तैनात किया गया था। 262 प्रेक्षक भी तैनात थे। डायट प्रवक्ता और अधिकारी भी निरीक्षण करते रहे। उप शिक्षा निदेशक इंद्र प्रकाश सिंह सोलंकी ने कई परक्षा केंद्रों का भ्रमण किया और संपादित हो रही परीक्षा के इंतजामों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि शांतिपूर्ण तरीके से परीक्षा संपन्न हो गई है। ओएमआर शीट को सील करके सरकार के सुपुर्द करने की प्रक्रिया हुई।