सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने तीनों कृषि कानून वापस लिए जाने के फैसले पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बात से लोगों का विश्वास उठ गया है, क्योंकि उन्होंने जो वादे किए हैं, उन्हें पूरे नहीं किए।
सोमवार को समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर राजभर ने पत्रकारों से कहा कि लोकसभा में कृषि कानून को प्रधानमंत्री रद्द करवाएं।
साथ ही किसान आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों को शहीद का दर्जा दिया जाए, उनके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए, एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने वादा किया था, 15-15 लाख रुपये खाते में आएंगे, हर साल दो करोड़ युवाओं को नौकरी दी जाएगी, लेकिन एक भी वादा पूरा नहीं हुआ। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि जातिगत गणना होनी चाहिए, जो 90 साल से बंद है। नफरत की राजनीति बंद होनी चाहिए। इसीलिए उनकी पार्टी ने सपा से समझौता किया है। उन्होंने कहा कि आरएसएस के मुख्यालय नागपुर में झूठ की ट्रेनिंग दी जाती है, जहां भाजपाई प्रशिक्षित होकर उसका इस्तेमाल करते हैं। तभी तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में कहते हैं कि 40 लाख लोगों को नौकरी दी गई, अंबेडकरनगर में 23 लाख लोगों को नौकरी दी गई, जबकि अब कह रहे हैं कि चार लाख लोगों को नौकरी दी गई है।
फोटो खिंचवाने को लेकर हुई धक्कामुक्की
पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन पर सपा कार्यालय में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर, जिलाध्यक्ष गिरीश यादव, पूर्व विधायक जमीर उल्लाह खान आदि नेता केक काट रहे थे, तभी ओमप्रकाश राजभर के साथ फोटो खिंचवाने के दौरान कार्यकर्ताओं में धक्कामुक्की हो गई। ओमप्रकाश राजभर के सुरक्षा कर्मियों ने कई कार्यकर्ताओं को धक्का देकर हटाया। कार्यकर्ता केक लेकर इधर-उधर भागने लगे। धक्का-मुक्की में किसी के कपड़े पर तो किसी के बैग पर केक लग गया।