22 सितंबर को विवेचक ने दोबारा जेएन मेडिकल कॉलेज पहुंचकर बयान दर्ज किए। तब वह अपने साथ हुई दरिंदगी को बमुश्किल बयां कर सकी। इस तथ्य को खुद विवेचक/सीओ ने अपने उच्चाधिकारियों को भेजी दो पेज की रिपोर्ट में उजागर किया है।
आरोपियों ने तोड़ दी थी युवती की गर्दन
मेडिकल रिपोर्ट में यह भी बताया गया था कि 14 सितंबर की घटना के बाद जब युवती को जेएन मेडिकल कॉलेज में भरती कराया गया था, तब उसकी जीभ तो कटी ही थी साथ में गर्दन भी टूटी हुई थी। युवती इशारों-इशारों में ही खुद पर हुए हमले और दरिंदगी की बातें ही बता सकी। इसी आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
पीड़िता ने चारों आरोपियों की पहचान संदीप, रामू, लवकुश और रवि के रूप में की थी। पुलिस अधीक्षक ने बताया था कि संदीप को घटना के दिन ही गिरफ्तार कर लिया गया था। बाद में रामू और लवकुश को भी गिरफ्तार किया गया और शनिवार को चौथे आरोपी रवि को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।