हज यात्रा पर जाने के लिए जिले के 331 लोगों ने आवेदन किया है। उन्हें उम्मीद है कि वह इस बार वह हज यात्रा पर जा सकेंगे। पिछले दो साल से कोरोना महामारी ने अड़ंगा डाल रखा था।
पिछले पांच साल में दूसरी बार सबसे कम 331 लोगों ने हज यात्रा के लिए आवेदन किया है। हज यात्रा के लिए आवेदन करने वालों में जो गिरावट आई है, उसकी सबसे बड़ी वजह आर्थिक है। दूसरी सबसे बड़ी वजह हज यात्रा को लेकर असमंजस है, क्योंकि आवेदन करने के बाद भी कोरोना महामारी में हज यात्रा पर नहीं जा सके थे। सऊदी अरब ने दूसरे देशों के हज यात्रियों पर रोक लगा दी थी। अब स्थिति सामान्य होने लगी है, तब उमरा की अनुमति सऊदी अरब ने दे दी है, जो एक सुखद खबर है। हज यात्रा के लिए आवेदन करने वाले मोहम्मद सलीम, मोहसिन अहमद, शकील अहमद आदि ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस बार वह हज यात्रा पर जा सकेंगे।
इन्होंने किया था आवेदन
वर्ष संख्या
2018 637
2019 519
2020 515 (कोरोना के चलते हज यात्रा पर नहीं जा पाए)
2021 202 (कोरोना के चलते हज यात्रा पर नहीं जा पाए)
2022 331
हज यात्रा का किराया
वर्ष खर्च
2018 217800 रुपये
2019 241600 रुपये
2020 (कोरोना के चलते किराया का आकलन नहीं)
2021 344809 रुपये
2022 (अभी तक किराये का एलान नहीं)
हज यात्रा पर जाने वाले लोगों ने आवेदन कर दिया है। हज कमेटी ऑफ इंडिया की तरफ से नए सर्कुलर का इंतजार है, जिसमें कब से पहली किस्त जमा होगी, कौन-कौन से नियमों का उन्हें पालन करना होगा। इसकी जानकारी दी जाएगी।
- हाजी तौफीक अहमद खान, सचिव, लब्बैक हज सोसाइटी
सऊदी अरब ने भारतीयों को उमरा करने की इजाजत दे दी है। अलीगढ़ से 20 उमरा यात्रियों का समूह 18 मार्च को वापस आएगा। इस बार अलीगढ़ से हज यात्रा पर लोग जाएं, यह दुआ है। कोरोना के चलते यह रोक लगी थी।
-हाजी अब्दुल समद, राष्ट्रीय सचिव, खुद्दाम-ए-हज समिति
हाजी अब्दुल समद।- फोटो : CITY OFFICE