अतरौली क्षेत्र से गुजर रही गंगा नदी दिन प्रतिदिन बाढ़ के खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। बुधवार को गंगा का जलस्तर 178.23 मीटर दर्ज किया गया। गंगा में बाढ़ का खतरे का निशान 178.765 है। इसको देखते हुए अलीगढ़ से कासगंज की ओर 93.911 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इधर, खैर से गुजर रही यमुना की बात की जाए तो पिछले चार दिनों में गंगा का स्तर आधा मीटर के करीब गिर गया है। यमुना का जलस्तर 195.65 मीटर दर्ज किया गया। इसके खतरे का निशान 200.600 मीटर पर है। इस प्रकार यमुना अब खतरे के निशान से करीब पांच मीटर नीचे बह रही है।
जिले के अतरौली क्षेत्र से बह रही गंगा नदी में बुलंदशहर के नरौरा बैराज से अलीगढ़ की ओर पानी छोड़ा जाता है। बुधवार तक अतरौली क्षेत्र में गंगा नदी का जलस्तर 178.23 रहा। जबकि इस नदी का अलीगढ़ में खतरे का निशान 178.765 मीटर पर है। यानी खतरे के निशान से मात्र 0.535 मीटर नीचे है। नरौरा खंड निचली गंगा नहर के अधिशासी अभियंता एवं जिले के बाढ़ प्रबंधन के नोडल अधिकारी भरत लाल ने बताया कि उनकी निगरानी में टीमें निगाह रख रही हैं। उत्तराखंड की बारिश और बाढ़ पर खास निगाह रखी जा रही है। दरअसल, वहां बारिश व बाढ़ की स्थिति होने पर गंगा का जलस्तर बढ़ता है। तभी वहां से नरौरा बैराज की ओर पानी छोड़ा जाता है। नरौरा बैराज पर अधिक जलस्तर पर होने पर वहां से अलीगढ़ की ओर पानी छोड़ा जाता है। इस पूरी प्रक्त्रिस्या पर निगाह रखी जा रही है। जिला प्रशासन को प्रतिदिन की रिपोर्ट को देखते हुए पूरी तरह अलर्ट है।