संवाद न्यूज एजेंसी, सिंकदराराऊ (हाथरस)।
डॉ. विष्णु सक्सेना चतुर्थ गीत सम्मान इस वर्ष बाराबंकी के युवा गीतकार गजेंद्र प्रियांशु को नगर के हुमैरा गेस्ट हाउस में एक भव्य आयोजन के दौरान दिया गया। पुरस्कार स्वरूप प्रियांशु को प्रख्यात ओज कवि डॉ. हरीओम पवार ने 51 हजार रुपये नकद, शॉल और श्रीफल प्रदान किया। इस अवसर पर भारी संख्या में क्षेत्र के लोग मौजूद थे।
इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ विशिष्ट अतिथि बलराम पवार, हरीओम पवार, पवन चतुर्वेदी, शांतनु चौधरी और हिमांशु लव ने मां शारदे के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया। डॉ. विष्णु के शिक्षक रहे चिरंजीलाल यादव, जहीरुद्दीन पीरजादा और सैयद वकील अहमद पूर्व प्रधानाचार्य को शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में डॉ. हरिओम ने कहा कि सरला नारायण ट्रस्ट के बैनर तले युवा गीतकार को सम्मानित करने का जो क्रम चलाया जा रहा है, उससे नए-नए अच्छे गीतकारों को एक मंच मिलेगा। कई वर्षों से देखा जा रहा था कि कवि सम्मेलनों में केवल ओज तथा हास्य कवि ही रह गए थे। डॉ. विष्णु सक्सेना ने पूरे देश के मंचों पर गीतों की अनूठी सौगात दी और गीतों को जिंदा रखा। स्वयं स्वर्गीय डॉ. गोपालदास नीरज ने यहां आयोजित कार्यक्रम में कहा था कि विष्णु मेरे बाद गीतों की लौ को जलाए रखना। इससे भी बढ़कर काम डॉ. विष्णु ने किया।
यश भारती सम्मान से सम्मानित डॉ. विष्णु को जो लाखों रुपये पुरस्कार स्वरूप मिले, उसकी ब्याज से वे पिछले चार सालों से गीतकारों का सम्मान कर उन्हें प्रोत्साहित कर रहे हैं। व्यापारी नेता विपिन वार्ष्णेय ने कहा कि पहले नगर पालिका द्वारा प्रदर्शनी के दौरान कवि सम्मेलनों का आयोजन किया जाता था, लेकिन, प्रदर्शनी के बंद होने के बाद कवि सम्मेलनों से क्षेत्र की जनता वंचित हो गई थी। अब गीत सम्मान समारोह के कारण क्षेत्र के लोगों को एक बार अच्छे कवियों को सुनने का मौका मिल रहा है। हाजी मोहम्मद उमर ने कहा कि वे अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं कि इतना अच्छा आयोजन उनके मैरिज होम में किया गया। सदैव ऐसे आयोजन के लिए गेस्ट हाउस उपलब्ध रहेगा।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. विष्णु सक्सेना में मौजूद सभी लोगों का अभिवादन करते हुए कहा कि जिस तरह से आप लोगों ने यहां पहुंचकर हमें सम्मान दिया है, अब लगता है कि यह कार्यक्रम हमारा नहीं होकर आप सबका हो गया है। अध्यक्षता हरीओम पवार ने की और संचालन संचालन चित्रांश सक्सेना ने किया। इस मौके पर शिवदयाल सक्सेना, डॉ. वंदना सक्सेना, प्रधानाचार्य आर्य कन्या इंटर कॉलेज विजय भारत कुलश्रेष्ठ, संजीव माहेश्वरी, नीरज वैश्य, मीरा माहेश्वरी, गौरी शंकर गुप्ता एडवोकेट आदि रहे।