फर्जी बिल और बिल्टी पर झूठा कारोबार दिखा कर आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) लेने का सिलसिला थम नहीं रहा है। ऐसे ही ताजा मामले में वाणिज्य कर विभाग की एसआईबी टीम ने बाप-बेटे के फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। दोनों ने फर्जी दस्तावेजों पर 60 लाख रुपये की आईटीसी वसूला है। बुधवार को एसआईबी टीम ने देहलीगेट थाना क्षेत्र के खैर रोड इलाके में इनकी दो फर्मों पर छापेमारी कर 35 लाख रुपये का कबाड़ सीज कर दिया। मौके पर उस्मान ट्रांसपोर्ट की फर्जी बिल्टी व कच्चे पर्चे भी मिले, जिनको सीज कर दिया गया है। ये फर्जीवाड़ा लखनऊ में स्थापित कंप्यूटराइज्ड आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस सिस्टम से पकड़ा गया है, जो वाणिज्य कर मुख्यालय की देखरेख में संचालित है।
लखनऊ के निर्देश पर अलीगढ़ में एसआईबी के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-टू अनूप माहेश्वरी ने डिप्टी कमिश्नर पंकज कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम को भेजा था। जिसने पीयूष इंटरप्राइजेज इस्लामनगर खैर रोड व गौरांग ट्रेडर्स प्रेम विहार खैर रोड पर छापा मारा। मौके पर पता चला कि दोनों फर्म बाप-बेटे की हैं। दोनों फर्जी बिलों और ट्रांसपोर्ट की फर्जी बिल्टी से उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में कबाड़ का कारोबार दिखाते थे। जिसके एवज में उन्होंने सरकार से 60 लाख रुपये का आईटीसी भी लिया। अधिकारी बताते हैं कि 60 लाख की आईटीसी वसूलने के लिए लगभग साढे़ तीन करोड़ रुपये का फर्जी कारोबार दिखाया गया है।
पीयूष इंटरप्राइजेज को पिता दिनेश कौशिक व गौरांग ट्रेडर्स को उनका बेटा लव कौशिक संचालित करता है। पीयूष इंटरप्राइजेज पर 35 लाख रुपये का स्क्रैप बिना लिखापढ़ी का मिला, जिसको मौके पर सीज कर दिया गया। यहीं पर उस्मान ट्रांसपोर्ट की फर्जी बिल्टी व कच्चे पर्चे मिले, उनको भी सीज किया गया। नियमानुसार दोनों फर्मों के दस्तावेज अलग-अलग उनके स्थल पर होने चाहिए थे, लेकिन कागजात एक ही जगह मिले। दोनों फर्मों ने कितने लोगों को स्क्रैप खरीदा व बेचा है, इसकी जांच जारी है। बाप बेटों को नोटिस जारी किया गया है। मौके पर सीज हुए 35 लाख रुपये के माल पर 36 फीसदी का टैक्स वसूला जाएगा। इस दौरान जांच टीम में असिस्टेंट कमिश्नर आदितेय मिश्रा, संजीव कुमार, ईशा गौतम, रंजीत रमन व सीटीओ अनीस अरोड़ा, अजमल खान व नीरज कुमार शामिल रहे। एसआईबी टीम के डिप्टी कमिश्नर पंकज सिंह ने बताया कि आनलाइन जांच में पीयूष इंटरप्राइजेज व गौरांग ट्रेडर्स का मामला पकड़ गया। 60 लाख रुपये का आईटीसी फर्जी कागजों पर लिया गया है। 35 लाख रुपये का स्क्रैप बिना दस्तावेज के मिला, जिसको सीज किया गया है। जांच जारी है।