क्रांतिकारी किसान यूनियन के राज्य प्रभारी शशिकांत ने कहा कि डब्ल्यूटीओ की नीतियां किसान-मजदूर विरोधी हैं। इसके तहत सरकार लगातार खेती पर सब्सिडी और राहत में कटौती कर रही हैं। श्रमिकों-कार्मिकों की छंटनी, रोजगार और शिक्षा क्षेत्र के निजीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है।
गभाना में संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय आह्वान पर किसान संगठनों ने खेती को डब्ल्यूटीओ से बाहर कराने की मांग करते हुए 26 फरवरी को पचपेड़ा में डब्ल्यूटीओ का पुतला फूंका। वहीं ट्रैक्टरों पर दिल्ली चलो का नारा लिखी तख्तियां लेकर किसान नारेबाजी कर रहे थे।
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विरोध-प्रदर्शन के दौरान क्रांतिकारी किसान यूनियन के राज्य प्रभारी शशिकांत ने कहा कि डब्ल्यूटीओ की नीतियां किसान-मजदूर विरोधी हैं। इसके तहत सरकार लगातार खेती पर सब्सिडी और राहत में कटौती कर रही हैं। श्रमिकों-कार्मिकों की छंटनी, रोजगार और शिक्षा क्षेत्र के निजीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है।
डब्ल्यूटीओ वैश्विक स्तर पर कार्पोरेट के हितों को साधने वाली संस्था है। किसानों ने डब्ल्यूटीओ का पुतला फूंक कर विरोध दर्ज किया। इस दौरान किसान नेताओं की पुलिस से नोकझोंक भी हुई। क्रांतिकारी किसान यूनियन के जिला उपाध्यक्ष सत्यवीर सिंह, अशोक कुमार, जिला महामंत्री नरेंद्र पाल सिंह, धर्मपाल सिंह आदि मौजूद रहे।