कोविड 19 की ड्यूटी के दौरान काल का ग्रास बनी बाल विकास परियोजना शहर की कार्यकर्ता स्व.रामस्नेही के परिजनों को 50 लाख रुपये अनुग्रह अनुदान राशि स्वीकृत हो गई है। इससे पहले चंडौस की कार्यकर्ता स्व.मुद्रा देवी के परिजनों को 50 लाख रुपये की अनुग्रह अनुदान राशि मिल चुकी है।
बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रेयस कुमार ने बताया कि शहरी परियोजना में तैनात आंगनबाड़ी कार्यकर्ता स्व. रामस्नेही पत्नी दिनेश कुमार के परिजनों को 50 लाख रुपये की अनुग्रह अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। उनकी ड्यूटी कोरोना से बचाव के लिए गठित निगरानी समिति में लगी थी। संक्रमित होने पर उनकी 7 मई 2021 को मौत हो गई थी। एसडीएम की रिपोर्ट के आधार पर सात अगस्त को शासन ने अनुग्रह अनुदान राशि स्वीकृत कर दी। उन्होंने बताया कि करीब डेढ़ माह पूर्व कोविड से मृत चंडौस के पिसावा इलाके की कार्यकर्ता मुद्रा देवी के परिजनों को भी 50 लाख की अनुग्रह अनुदान राशि स्वीकृत की जा चुकी है। हालांकि यह राशि मृतका के परिजनों को मिली या नहीं मिली, इसका जवाब डीपीओ के पास भी नहीं है। परिजन भी इससे अंजान हैं।
पति बोले बैंक खाता चेक नहीं किया तो भाई बोले नहीं मिला पैसा
मृतका मुद्रा देवी के लिए स्वीकृत 50 लाख की अनुग्रह अनुदान राशि मिलने को लेकर संदेह की स्थिति है। पति हरिओम शर्मा कहते हैं कि उन्होंने अब तक बैंक खाता चेक नहीं किया तो मृतका के भाई हरिप्रसाद शर्मा का कहना है कि अब तक पैसा नहीं मिला। यह पैसा उनकी बहन के पांचों बच्चों को बराबर-बराबर मिलना है। लेकिन एडीएम वित्त का आपदा बाबू इसमें अड़चन पैदा कर रहा है। हरिओम शर्मा ने बताया कि उनकी पत्नी व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता 58 वर्षीय मुद्रा देवी ने अन्य कार्यकर्ताओं के साथ एक से 15 जून तक चले गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। तबीयत खराब होने पर उन्हें 29 जून 2021 को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां 30 जून को उनकी मौत हो गई। सरकार ने 13 जुलाई 2021 को 50 लाख रुपये की अनुग्रह अनुदान राशि देने की घोषणा की थी।