कुछ असामाजिक तत्वों ने सोशल मीडिया और इंटरनेट का दुरुपयोग करते हुए एएमयू कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर के नाम से विश्वविद्यालय के शिक्षकों को गलत संदेश भेजे हैं। इस मामले के प्रकाश में आने के बाद एएमयू प्रशासन ने अज्ञात लोगों के खिलाफ आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने के लिए एसएसपी को प्रार्थना पत्र दे दिया है। इस संबंध में एसएसपी मुनिराज जी ने बताया कि जिस व्यक्ति ने भी फर्जी ईमेल से गलत संदेश जारी किया है। उसके खिलाफ आईटी एक्ट के तहत सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। मामले की जांच साइबर सेल को सौंप दी है।
एएमयू के कुछ शिक्षकों को कथित रूप से कुलपति की ओर से ईमेल संदेश प्राप्त हुए। इन ईमेल संदेश में गलत प्रकार की बातें कहीं गई थीं। इससे विश्वविद्यालय के शिक्षक समुदाय में भ्रम की स्थिति पैदा हुई साथ ही कई प्रकार की चर्चाओं का दौर भी शुरू हुआ। शिक्षक समुदाय से उठकर यह बात प्रशासनिक ब्लॉक तक पहुंची तो मामला जांच के दायरे में आया। विश्वविद्यालय में आंतरिक जांच के बाद स्पष्ट हुआ कि कुलपति की ओर से किसी भी शिक्षक को इस प्रकार के संदेश या ईमेल आदि भेजे ही नहीं गए हैं। किसी व्यक्ति ने इंटरनेट और सोशल मीडिया का दुरुपयोग करते हुए इस प्रकार के संदेश शिक्षकों को भेज दिए।
एएमयू कुलपति के इस तरह फर्जी नाम से संदेश भेजने के मामले में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार अब्दुल हमीद आईपीएस की ओर से अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए एसएसपी को प्रार्थना पत्र दे दिया गया है। साथ ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुनिराज जी को जो प्रार्थना पत्र भेजा है, उसमें मांग की गई है ऐसे लोगों की तलाश करते इनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। इससे पहले भी सोशल मीडिया में कुलपति के अपने पद से त्यागपत्र देने का एक फर्जी पत्र प्रसारित हुआ था। इसके अलावा कुछ अन्य पोस्ट भी सोशल मीडिया में डाली गई थी, लेकिन बाद में वह असत्य साबित हुई।