नमाजियों की सड़क पर सफबंदी न हो, इसलिए फैसला लिया गया कि नई ईदगाह में नमाज अदा हो जाने के बाद पुरानी ईदगाह में दूसरी जमात होगी। दोनों जगह की नमाज में 45 मिनट का फर्क होगा।
अलीगढ़ के ऊपरकोट इलाके में जुमा अलविदा की नमाज सड़क पर होने के बाद शहर मुफ्ती मोहम्मद खालिद हमीद ने ईद की नमाज नई ईदगाह और पुरानी ईदगाह शाहजमाल में होने का एलान किया है। साथ ही मस्जिदों में भी ईद की नमाज होगी।
विज्ञापन
शहर मुफ्ती मोहम्मद खालिद हमीद ने बताया कि नमाजियों की सड़क पर सफबंदी न हो, इसलिए फैसला लिया गया कि नई ईदगाह में नमाज अदा हो जाने के बाद पुरानी ईदगाह में दूसरी जमात होगी। दोनों जगह की नमाज में 45 मिनट का फर्क होगा। उन्होंने कहा कि यह कदम प्रदेश सकार की दिशा-निर्देश के क्रम में नमाजियों की बेहतरी के लिए उठाया गया है। शहर मुफ्ती ने कहा कि नमाज को मस्जिद और ईदगाह के अंदर पढ़ें। मस्जिद के बाहर या सड़क पर नमाज पढ़ने से परहेज करें। उन्होंने लोगों से अमन-चैन और शांति बनाने की अपील की है।