क्वार्सी थाना क्षेत्र की साक्षी विहार कॉलोनी से डॉक्टर का अपहरण रामघाट रोड के चर्चित बाइकर्स गैंग के सदस्यों ने कासगंज के दोस्तों संग मिलकर किया था। पुलिस ने इस अपहरण में शामिल पांच अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। खास बात यह है कि इस अपहरण में शामिल एक युवक को अपनी गर्लफ्रेंड से शादी के लिए रुपयों की जरूरत थी, उसी जरूरत को पूरा करने के लिए डॉक्टर का अपहरण किया गया था। उम्मीद थी कि डॉक्टर बेहद सीधे हैं। आसानी से रुपये मिल जाएंगे और पकड़े भी नहीं जाएंगे।
एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत, एसपी क्राइम डॉ. अरविंद व सीओ तृतीय अनिल समानिया ने पुलिस लाइन सभागार में शुक्रवार को संयुक्त प्रेसवार्ता में बताया कि 28 जनवरी की सुबह होम्योपैथी डॉक्टर शीलेंद्र को उस समय अगवा किया गया था, जब वे घर से अपने क्लीनिक इगलास जाने के लिए निकले थे। घर से निकलते ही कार सवार तीन लोग उन्हें अगवा कर ले गए थे और डॉक्टर के मोबाइल से ही उनकी पत्नी से 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। मामले में डॉक्टर की पत्नी मीनू चौधरी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। इसी बीच जांच में यह बात सामने आई कि कासगंज/एटा बॉर्डर पर बदमाशों ने डॉक्टर को बंधक बनाकर रखा है। जब पुलिस ने सर्विलांस के जरिये उस जगह घेराबंदी शुरू की तो बदमाशों ने उन्हें छोड़ दिया।
इधर, डॉक्टर के सकुशल वापस लौटने के बाद पुलिस ने इस अपहरण में शामिल अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास शुरू किए। डॉक्टर के बताए अनुसार पैर में चोट लगे युवक की तलाश शुरू हुई। पुलिस ने मुखबिरी के आधार पर अनुज चौधरी उर्फ अन्नू पुत्र जितेन्द्र सिंह निवासी राज विहार कालोनी क्वार्सी को गिरफ्तार किया। उससे पूछताछ के आधार पर अन्य आरोपी अनुकल्प चौहान, हिमांशु चौधरी, मोहित चौधरी, अंकित शुक्ला के नाम प्रकाश में आए, जिन्हें शुक्रवार सुबह तालानगरी के पास से अपहरण में प्रयुक्त कार सहित गिरफ्तार किया गया। इनके पास से डॉक्टर का मोबाइल भी बरामद किया गया है। साथ में हथियार भी बरामद किए गए हैं।
पूछताछ में स्वीकारा है कि आरोपी मोहित चौधरी को अपनी गर्लफ्रेंड से भगाकर शादी करनी थी। रुपयों की जरूरत थी। इस पर मोहित को बाइकर्स गैंग के सदस्य हिंमाशु उर्फ चीनी ने अपहरण का सुझाव दिया। फिर डा. शीलेन्द्र सिंह को उनके सीधे स्वभाव के चलते निशाना बनाया गया। इस अपहरण में अनुज, मोहित व हिमांशु ने अपने कासगंज के दोस्त अनुकल्प चौहान व अंकित शुक्ला को शामिल किया। अनुकल्प ने अपने दोस्त प्रशांत गुप्ता उर्फ सोनू निवासी कासगंज की टैक्सी भाड़े पर ली और योजना के अनुसार डॉक्टर को अगवा कर ले गए। अपहरण के बाद डॉक्टर को अनुकल्प चौहान के गांव अचलपुर थाना मिरहची, एटा में रखा गया। इसी बीच मोहित चौधरी ने कासगंज में पेट्रोल पंप के पास अलीगढ़ की पुलिस को प्राइवेट गाड़ियों में पहचान लिया था। इससे डरे बदमाशों ने डॉक्टर को छोड़ दिया था।
खुलासे पर टीम को नकद इनाम
एसपी सिटी व एसपी क्राइम के अनुसार, इस खुलासे में इंस्पेक्टर क्वार्सी छोटे लाल, एसओ जवां अभय शर्मा, एसएसआई क्वार्सी चंचल सिरोही, एसआई रीतेश कुमार, सर्विलांस से संजीव कुमार, विजय चौहान, अरविंद सिंह, संदीप, बृजेश रावत, मोहनलाल, अंकित, सचिन तोमर, याकूब खान, मनोज, राकेश, दुर्विजय, ज्ञानवीर, रिषी यादव, जुलकर नैन, विनोद शामिल रहे हैं। पूरी टीम को एसएसपी ने 20 हजार के इनाम व आईजी स्तर से सम्मानित करने की घोषणा की है।