जिला पर्यावरण समिति पर्यावरण प्रदूषण पर लगाम लगाएगी। इसके लिए डिस्ट्रिक्ट एनवायरमेंट प्लान तैयार किया जा रहा है। संबंधित विभागों के नोडल अफसरों से मामले में तीन दिन में सुझाव मांगे हैं। डीएम ने सभी अधिकारियों को एनजीटी के आदेशों के अनुपालन में प्रदूषण नियंत्रण एवं पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।
कलक्ट्रेट सभागार में पर्यावरण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे ने कहा कि प्रभावी प्रदूषण नियंत्रण एवं पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रशासनिक एवं संबंधित विभागों के स्तर पर पर्यावरणीय विषयों एवं प्रदूषण से संबंधित बिंदुओं पर विचार के लिए जिला पर्यावरण समिति का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कचरा प्रबंधन एक बड़ी चुनौती है। तकनीकी माध्यमों एवं कार्यों के साथ ही जन जागरूकता से हम इस चुनौती का बड़ी आसानी से सामना कर सकते हैं। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे विभागीय कार्यों से संबंधित कूड़ा प्रबंधन एवं ई वेस्ट मैनेजमेंट पर कार्य करते हुए सूचना समय से उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि आंकड़े सत्य हों, फर्जी प्रविष्टियां न भरी जाएं। बैठक में डिस्ट्रिक्ट एनवायरमेंट प्लान पर भी गहन मंथन हुआ। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट मामले में निर्णय लिया कि कूड़े की जहां से शुरुआत होती है वहीं पर गीला एवं सूखा कूड़ा अलग-अलग एकत्रित कर उसका प्रबंधन किया जाए । प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी दिवाकर वशिष्ठ ने सभी विभागों के नोडल अधिकारियों से आग्रह किया है कि एनजीटी द्वारा निर्धारित गाइड लाइन के अनुरूप उन्हें प्रपत्र दिए जा रहे हैं। सभी विभाग प्रपत्रों में वास्तविक आंकड़े भरकर उन्हें तीन दिवस में उपलब्ध करा दें। ताकि उन्हें एनजीटी को भेजा जा सके। इस मौके पर संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।