दंपती अपनी मासूम बेटी को साथ लेकर सोये थे। सुबह उठे तो देखा कि मासूम वहां से गायब है। अपहरण का मुकदमा दर्ज कर खोजबीन शुरू की गई थी, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं लग सका था। इसी बीच बच्ची का शव घर के पास तकिया कब्रिस्तान के बाहर मिला है।
अलीगढ़ के खैर कस्बे के मोहल्ला सराफा से तीन दिन से लापता मासूम का शव मंगलवार सुबह उसके घर के पास ही पड़ा हुआ मिला। घटना से इलाके में अफरा-तफरी व कोहराम का माहौल बन गया है। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर इकट्ठे हो गए और पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
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किसी तरह पुलिस ने लोगों को शांत कराते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। फिलहाल पुलिस तमाम पहलुओं पर जांच कर रही है। मालूम हो कि खैर के मोहल्ला सराफान का सत्यदेव मजदूरी करता है। शनिवार की रात वह पत्नी व दो साल की बेटी के साथ रामलीला देखने गया था। वापस घर आकर तीनों ने साथ बैठकर खाना खाया और घर में बिजली कनेक्शन न होने की चलते छत पर सोने चले गये थे।
दंपती अपनी मासूम बेटी को साथ लेकर सोये थे। सुबह उठे तो देखा कि मासूम वहां से गायब है। आसपास खोजबीन की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका। पीड़ित परिवार ने मामले की सूचना पुलिस को दी तो आनन फानन अपहरण का मुकदमा दर्ज कर खोजबीन शुरू कर दी गई थी, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं लग सका था।
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इसी बीच मंगलवार सुबह बच्ची का शव घर के पास तकिया कब्रिस्तान के बाहर मिला है। पुलिस मामले में जांच कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने कहा कि तीन दिन से लापता बच्ची का शव मिला है। मामले में अभी जांच की जा रही है। कई पहलुओं को शामिल किया गया है। पहली नजर में मामला तंत्र मंत्र का भी लग रहा है। मगर तथ्य एकत्रित होने पर ही कुछ कहा जा सकेगा।