शाहजमाल ईदगाह पर धरने में नमाज आद करती महिलाएं।
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दिल्ली के शाहीन बाग की तर्ज पर यहां शाहजमाल ईदगाह के बाहर एनआरसी और सीएए के विरोध में धरना प्रदर्शन शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। महिलाओं ने जुमे की नमाज सड़क पर ही पढ़ी। पुरुष भी वहीं नमाज पढ़ना चाह रहे थे, लेकिन पुलिस ने उनको समझा-बुझाकर मस्जिदों में भेज दिया। नमाज खत्म होने के बाद जमालपुर, एएमयू और ऊपरकोट से सैकड़ों की संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने धरना स्थल पर पहुंचकर समर्थन किया।
करीब सात हजार की भीड़ धरना स्थल पर जमा होने पर दोपहर बाद जोरदार तरीके से नारेबाजी होने लगी। हालांकि पुलिस ने संयम बरततेे हुए भीड़ को संभाले रखा। इसी बीच बच्चों की एक टोली नारेबाजी करते और हाथों में विरोध की तख्तियां लेकर जुलूस के रूप में निकली। मगर, फोर्स ने उनको ईदगाह के पास ही रोक दिया। बच्चों को रोकने पर भीड़ उग्र हुई और फिर से नारेबाजी करने लगी। इससे पहले बृहस्पतिवार रात में धरना स्थल पर करीब 3 हजार महिलाओं की भीड़ डटी रही। इधर, शाम को एएमयू छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष सज्जाद सुभान राथर भी धरना स्थल पर पहुंच गए और धरने को समर्थन करते हुए अगुवाई शुरू कर दी।
शाहजमाल में बीच रोड पर बुधवार से जारी धरना प्रदर्शन में शुक्रवार सुबह महिलाओं और पुरुषों की तादाद कम थी। मगर, जैसे ही जुमे की नमाज का समय हुआ, वहां महिलाओं की भीड़ बढ़ना शुरू हो गई। पुलिस भीड़ के धरनास्थल पर ही नमाज पढ़ने के इरादे भांप गई। किसी भी प्रकार से स्थिति से बिगड़ने की आशंका को देखते हुए उन्हें रोका नहीं गया। इसके बाद महिलाओं ने वहां नमाज पढ़ना शुरू कर दिया। इधर, पुरुष भी नमाज पढ़ने बैठने लगे। मगर, पुलिस ने उन्हें रोक दिया और समझा बुझाकर मस्जिदों में भेज दिया।
नमाज खत्म होने के बाद दोपहर करीब 2:30 बजे अचानक से महिलाओं और पुरुषों की टोलियां का वहां आना शुरू हो गया। शाम चार बजे तक वहां सात हजार की भीड़ एकत्रित हो गई। पुलिस प्रशासन को जानकारी मिली कि यह टोलियां ऊपरकोट और जमालपुर से वहां पहुंच रही हैं। भीड़ को देखते हुए पीएसी और आरएएफ के जवानों को बुलाया गया। इसके बाद शाहजमाल ईदगाह के सामने स्थित खाली मैदान के चारों ओर रस्सी बंधवा दी गई। पुरुषों को रस्सी के पीछे मैदान में ही बने रहने की नसीहत दे दी गई है। प्रशासन को अनुमान था कि देर शाम के बाद भीड़ कम हो जाएगी, लेकिन प्रदर्शन में शामिल महिलाओं को एएमयू छात्राओं ने साधे रखा और धरना छोड़कर न जाने की बात कहते हुए रोके रखा।
धरना स्थल पर पुलिस फोर्स द्वारा पूरी निगरानी बरती जा रही है। किसी को कानून हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा। हमारा पूरा प्रयास है कि धरने की आड़ में कोई किसी तरह कानून व्यवस्था न बिगाड़े। इसके चलते खुफिया टीमों को भी सक्रिय रखा गया है।-आकाश कुलहरि एसएसपी