हाथरस की बिटिया प्रकरण में कांग्रेस नेता श्यौराज जीवन की मुश्किलें कम नहीं हुईं। उनके खिलाफ महानगर के गांधीपार्क व हाथरस के चंदपा थानों में दर्ज भड़काऊ बयान देने संबंधी मुकदमों में आवाज मिलान की प्रक्रिया कराई गई है। इन दोनों मुकदमों की विवेचना एसटीएफ की बरेली यूनिट द्वारा की जा रही है और विवेचक ने श्यौराज जीवन को शुक्रवार को लखनऊ बुलाकर विधि विज्ञान प्रयोगशाला में आवाज मिलान के लिए सैंपलिंग कराई। अगर सैंपलिंग में आवाज मिलान होती है तो श्यौराज जीवन की गिरफ्तारी तक हो सकती है।
ये है इस प्रकरण का फ्लैशबैक
सितंबर 2020 में हाथरस के चंदपा क्षेत्र की युवती की दुष्कर्म व हत्या की घटना में पहले दिन से पीड़ित परिवार के साथ खड़े राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के पूर्व सदस्य वरिष्ठ कांग्रेस नेता श्यौराज जीवन पर अक्तूबर माह में दो मुकदमे दर्ज हुए थे। जिनमें एक मुकदमा हाथरस के चंदपा और दूसरा अलीगढ़ के गांधीपार्क में दर्ज हुआ था। चंदपा के मुकदमे में श्यौराज जीवन पर आरोप था कि एक वायरल वीडियो में पीड़ित के घर पहुंचे कांग्रेस नेता श्यौराज जीवन आरोपियों के हाथ काटने, आंख निकालने की धमकी देते नजर आ रहे हैं, जिससे माहौल बिगड़ने जैसे हालात बने।
दूसरा मुकदमा यहां गांधीपार्क थाने में दर्ज हुआ, जिसमें एक टीवी रिपोर्टर के स्टिंग में वे 5-6 लाख रुपये देने की एवज में दंगे की योजना पर बात करते दिखे हैं। हालांकि उस समय खुद श्यौराज जीवन ने तत्कालीन एडीजी जोन अजय आनंद को फोन कर पूरी बात बताई थी। उस समय हाथरस पुलिस ने जब श्यौराज जीवन को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो साफ हुआ कि स्टिंग करने वाला रिपोर्टर अमित नाम का युवक बनकर उनके पास आया था। उसने खुद को योगी सरकार को उखाड़ फेंकने की साजिश वाली टीम का हिस्सा बताकर बातचीत की। वह उसकी मंशा भांप गए थे। उसे बातों में लगाकर बात की और पुलिस बुलाने का प्रयास किया। मगर तब तक वह चला गया।
अब विवेचना में ये अपनाई गई प्रक्रिया
उस समय देश भर की सुर्खियों में आए इस प्रकरण में शासन के निर्देश पर दोनों मुकदमों की विवेचना एसटीएफ को सौंपी गई। चंदपा में दर्ज अपराध संख्या 154/2020 धारा 153ए, 505,506, 189 आईपीसी व 84 सी आईटी अधिनियम 2020 और गांधीपार्क में दर्ज अपराध संख्या 477/2020 धारा 153ए, 120 बी, 506 आईपीसी मुकदमों की विवेचना एसटीएस बरेली यूनिट के निरीक्षक अजयपाल सिंह द्वारा की जा रही है।
दोनों मुकदमों से संबंधित वीडियो में श्यौराज जीवन की आवाज मिलान के लिए नोटिस देकर शुक्रवार को उन्हें लखनऊ स्थित राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला बुलाया गया। इस दौरान अलीगढ़ से एसीएम द्वितीय व हाथरस से एसटीएम भी वहां गए। जहां श्यौराज जीवन की आवाज का सैंपल लिया गया। इस दौरान श्यौराज जीवन ने विवेचक व प्रयोगशाला टीम का पूरा सहयोग किया। साथ ही उन्हें वहां इशारे में बता दिया गया कि अगर उनकी आवाज का मिलान होता है तो उनकी गिरफ्तारी हो सकती है। संकेत हैं कि आने वाले पखवाड़े में इस सैंपल की रिपोर्ट आ सकती है।
- प्रदेश सरकार द्वारा एक योजना के तहत वाल्मीकि समाज को खुश करने के लिए एक तरफ एक वाल्मीकि विधायक को राज्य मंत्री बनाया गया है। वहीं जिस दिन वाल्मीकि विधायक को राज्य मंत्री की शपथ दिलाई जा रही थी। उसी दिन हाथरस की बेटी को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठाने वाले वाल्मीकि समाज के नेता को फंसाने के लिए लखनऊ बुलाकर आवाज का मिलान कराया जा रहा था। यह प्रदेश सरकार की कथनी करनी का अंतर लोग खुद समझ गए हैं। मगर सत्य कभी पराजित नहीं होता। जीत होती है। मेरा इस सरकार ने इस प्रकरण में उत्पीड़न किया है। मैंने बेटी को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठाई, कोई पाप नहीं किया। अगर लोग इसे पाप समझते हैं तो ऐसे पाप में मां-बहन-बेटियों की इज्जत की खातिर हजार बार करूंगा। चाहे मुझे जेल क्यों न जाना पड़े।
- श्यौराज जीवन, वरिष्ठ कांग्रेस नेता