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नि:संतान महिला ने खुद के लिए चुराई थी महिला अस्पताल से बच्ची

Wed, 10 Nov 2021 12:38 AM IST
राजेश सिंह क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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 मोहनलाल गौतम महिला चिकित्सालय से बच्ची को नि:संतान महिला ने चोरी किया था। सोमवार देर रात गिरफ्तारी और बच्ची बरामदगी के बाद रात में हुई पूछताछ में महिला ने ये बात स्वीकारी है। मंगलवार को महिला को जेल भेज दिया गया। 
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भुजपुरा की साकिरा पत्नी रईस मोहम्मद ने महिला अस्पताल में रविवार रात बच्ची को जन्म दिया था। सोमवार को प्रसूता महिला की अस्पताल से छुट्टी से पहले एक अंजान महिला बच्ची को चोरी कर ले गई। हालांकि महिला अस्पताल का सीसीटीवी कैमरा खराब था। मगर बच्ची के चोरी की सूचना पर हरकत में आई पुलिस ने जांच पड़ताल में महिला को ट्रेस कर लिया। महिला बच्ची को चोरी कर ले जाते समय अस्पताल के बाहर लगे सीसीटीवी में कैद हो गई थी। इसके बाद महिला को खोजने में पुलिस की चार टीमें लग गईं। देर रात महिला को बच्ची सहित सारसौल के पास से बुलंदशहर के लिए जाते समय दबोच लिया गया।



महिला ने पूछताछ में अपनी पहचान गभाना के पला सल्लू नगला की पूजा पत्नी जितेंद्र के रूप में दी। 40 वर्षीय महिला ने बताया कि वह मूल रूप से सागर मध्य प्रदेश की रहने वाली है। पहले पति से तलाक के बाद उसने जितेंद्र से दूसरी शादी की। जितेंद्र हाथरस में किसी पेट्रोल पंप पर बतौर सेल्समैन नौकरी करता है। वह अकेली सारसौल इलाके में किराये पर रहती है। चूंकि उसके कोई संतान नहीं है। इसलिए उसने ये बच्ची को चोरी किया था। बच्ची को लेकर वह सबसे पहले अपनी ससुराल पला सल्लू पहुंची। वहां से अपना कुछ जरूरी सामान समेटने के बाद वापस अपने किराये के कमरे पर सारसौल आई और यहां से बुलंदशहर जाने की तैयारी थी। तभी पुलिस के हत्थे चढ़ गई। बरामदगी के बाद बच्ची को पीड़ित परिवार को सौंप दिया गया है, जबकि महिला को जेल भेज दिया है।
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अस्पताल में छूटा महिला का मोबाइल बना मददगार
इस घटना के खुलासे के लिए सीओ के नेतृत्व में चार टीमों ने काम शुरू कर दिया। एक टीम घटनास्थल से लेकर रसलगंज व सारसौल की ओर के सभी सीसीटीवी खंगालने में लगी थी। दूसरी घटनास्थल पर बारीकी से तथ्यों को जुटाने में लगी थी। इसी बीच एक मोबाइल उस बेड पर पड़ा मिल गया, जिस पर प्रसूता लेटी थी। पता चला कि ये मोबाइल शायद उसी महिला का हो सकता है। जब तीसरी टीम के जरिये इस मोबाइल पर सर्विलांस की मदद से काम शुरू किया गया तो उसके विषय में काफी जानकारियां मिलती चली गईं और सबसे बड़ा मददगार मोबाइल ही बना। चौथी टीम को दबिश के लिए लगाया गया। 



लाल साड़ी पहने महिला खोज में मिली
घटनास्थल पर पता चला कि छुट्टी की तैयारी के बीच महिला ने प्रसूता की सास को बाहर से रिश्तेदार को बुलाने भेजा और इसी बीच खुद बच्चे को गरम टोपी दिलाने के बहाने लेकर निकल गई। बाद में पुलिस को बताया कि महिला लाल साड़ी पहने थी। इसके बाद सीसीटीवी में भी अस्पताल के बाहर जाते समय महिला लाल साड़ी में बच्चे सहित कैद पाई गई। बस पुलिस उसी रास्ते पर आगे बढ़ती चली गई।




दो माह से कर रही थी प्रयास
पुलिस पूछताछ में महिला ने स्वीकारा कि वह पिछले दो माह से महिला अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में इसी तरह बच्चा चोरी करने के इरादे से घूम रही थी। उसे पहली बार आसानी से बच्चा चोरी करने का मौका मिला और वह उसे लेकर चली गई। कई बार वह रात में भी आई थी और कई बार दिन में भी आई।



- बच्चा चोरी के मामले में चंद घंटों के प्रयास में ही पुलिस की चार टीमों ने यह सफलता पाई है। महिला को जेल भेज दिया गया है। यह बच्चा खुद नि:संतान होने के कारण चोरी किया था। इसके अलावा कोई और मकसद सामने नहीं आया है।
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- मोहसिन खान, सीओ द्वितीय
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