जान की बाजी लगाकर मरीजों की सेवा करने वाले कोरोना योद्धा नौकरी जाने के भय से आशंकित हैं। जिलाधिकारी एवं सीएमओ से मिलकर सेवा अवधि को बढ़ाने एवं एनएचएम में समायोजित करने की मांग की है।
कोरोना की दूसरी लहर का प्रकोप शुरू होने पर अप्रैल महीने में करीब दो दर्जन फार्मेसिस्ट एवं स्टाफ नर्स को संविदा पर रखा गया था। 31 जुलाई 2021 को इनकी सेवा का आखिरी दिन है। बृहस्पतिवार को पैरा मेडिकल स्टाफ जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे एवं सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय से मिले और सेवा विस्तार देने एवं एनएचएम में समायोजित करने की गुहार लगाई। पैरा मेडिकल स्टाफ सरकार द्वारा बढ़ाई 25 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि भी देने की मांग कर रहे हैं। पैरा मेडिकल कर्मचारियों का कहना है कि कोरोना काल में उन्होंने अपनी एवं परिवार की जिंदगी दांव पर लगाकर मरीजों की सेवा की। 31 जुलाई को 4 फार्मेसिस्ट एवं 18 स्टाफ नर्स की सेवा का आखिरी दिन है।