परिजन शव को लेकर बिजली घर पहुंचे और वहां रखकर प्रदर्शन कर रहे हैं। जेई, एसडीओ शत्रुघन चौहान, खंड अधिकारी वहां पहुंचे हैं और विभागीयस्तर से साढ़े सात लाख मुआवजे का आश्वासन दे रहे हैं, जबकि मृतक के परिजन 50 लाख मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
21 जुलाई शाम बरला क्षेत्र अंतर्गत गांव टिकटा के पास बिजली की लाइन ठीक करते समय अचानक से बिजली की आपूर्ति शुरू हो गई। इससे लाइन ठीक कर रहा संविदा कर्मी करंट की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। परिजन 22 जुलाई को शव लेकर बिजली घर पहुंचे हैं और जमकर हंगामा कर रहे हैं।
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थाना पालीमुकीमुपर के गांव रूपवास निवासी 33 वर्षीय हरपाल सिंह पुत्र मक्खन सिंह अरनी गांव स्थित बिजली घर में संविदा पर पेट्रोल मैन के पद पर कार्यरत थे। रविवार की शाम टिकटा के पास लाइन में खराबी पर बिजली घर से शटडाउन लेकर वह लाइन ठीक कर रहे थे। इसी बीच बिजली घर से अचानक आपूर्ति शुरू कर दी गई। इससे हरपाल सिंह करंट की चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी।
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खबर पाकर विद्युत विभाग के एसडीओ और जेई भी मौके पर पहुंचे। एसडीओ शत्रुघ्न चौहान ने बताया कि उन्होंने थाने में तहरीर दी थी, लेकिन थाना पुलिस परिवार की ओर से तहरीर मिलने पर कार्रवाई की बात कह रही है। शटडाउन के बावजूद बिजली की आपूर्ति क्यों शुरू हुई, इसकी जांच की जा रही है। जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी।
परिजन शव को लेकर बिजली घर पहुंचे और वहां रखकर प्रदर्शन कर रहे हैं। जेई जय किशन, एसडीओ शत्रुघन चौहान, खंड अधिकारी प्रमोद कुमार वहां पहुंचे हैं और विभागीयस्तर से साढ़े सात लाख मुआवजे का आश्वासन दे रहे हैं, जबकि मृतक के परिजन 50 लाख मुआवजे की मांग कर रहे हैं। अभी दोनों ओर से किसी भी बात पर सहमति नहीं बनी है।