आशीष श्रीवास्तव
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवासीय योजना (शहरी) तमाम दावों के बावजूद गरीबों के लिए सपना बनकर रह गई है। योजना का हिस्सा बनकर अपनी जमीन पर आवास निर्माण के आकांक्षी गरीब भटक रहे हैं। वर्तमान में लंबित 2500 से ज्यादा आवेदन इसके गवाह हैं। यही नहीं, तमाम लाभार्थी ऐसे भी हैं, जिन्हें एक किस्त मिलने के बाद दूसरी किस्त का इंतजार है। लेकिन सर्वेयरों के चंगुल में फंसकर इनके अरमान अधूरे हैं और उनको दूसरों के यहां आश्रय लेकर रहना पड़ रहा है।
हरदुआगंज निवासी लक्ष्मीदेवी पत्नी मुकेश ने बताया कि ढाई साल पहले प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत पहली किस्त का 50 हजार रुपया मिला था। इस पैसे से अपने प्लाट में फाउंडेशन आदि का निर्माण कराया। इसके बाद अगली किस्त न मिलने के कारण काम आगे नहीं बढ़ सका। हालात यह है कि मैं अपने दो बच्चों के साथ देवर के घर रह रही हूं। प्लाट में खरपतवार उग आए हैं। डूडा दफ्तर जाओ तो वहां से नए-नए नियम बताकर टरका दिया जाता है।
मोहल्ला अहीरपाड़ा निवासी सत्यभान पुत्र रामपाल की मां संता देवी ने बताया कि तीन साल पहले उनके खाते में पहली किस्त की धनराशि आई थी। इस पैसे से अपने प्लाट की नींव भरवा दी। इसके बाद सर्वेयर आए और पूछताछ कर चले गए। तब से हम इंतजार कर रहे हैं कि दूसरी किस्त का डेढ़ लाख रुपया आए तो काम को आगे बढ़ाया जा सके। मेरा बेटा कई बार डूडा कार्यालय के चक्कर काट आया है। लेकिन वहां कोई सुनवाई नहीं हुई।
ये है योजना का हाल
- वर्ष 2015-16 में आई यह योजना जिले में वर्ष 2017-18 में हुई एक्टीवेट
- अब तक 18220 लाभार्थियों को मिला है योजना का लाभ
- 2500 से ज्यादा आवेदन पड़े हैं डूडा कार्यालय में लंबित
किस्त लेकर आवास न बनाने पर 750 को नोटिस
अलीगढ़। प्रधानमंत्री आवासीय योजना शहरी में किस्त लेने के बावजूद आवास का निर्माण न करने पर 750 लाभार्थियों को नोटिस जारी किए गए हैं। इन सभी को 15 दिन में आवास निर्माण कराने का अल्टीमेटम दिया गया है। चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित अवधि में निर्माण शुरू नहीं कराया तो उनसे रिकवरी कराई जाएगी।
ये हैं योजना में प्रावधान
- लाभार्थी को आवास निर्माण के लिए कुल 2.50 लाख का अनुदान मिलता है।
- लाभार्थी को पहली किस्त का 50 हजार रुपया नींव भरने के लिए मिलता है।
- दूसरी किस्त का 1.50 लाख रुपया दीवारों एवं छत का लेंटर डालने के लिए मिलता है।
- आवास पूर्ण होने पर अपने नाम एवं योजना का शिलापट्ट लगाने पर तीसरी किस्त का 50 हजार रुपया मिलता है।
- जियो टैगिंग भी होनी अनिवार्य है।
योजना की पात्रता
- नगरीय क्षेत्र का निवासी होना चाहिए।
- तीन लाख रुपये वार्षिक आय होनी चाहिए।
- पति-पत्नी व बच्चों को परिवार माना जाएगा।
- कोई अकेला है और बेघर है तो वह भी पात्र है।
पांच चरण में चेकिंग की व्यवस्था
योजना में पांच चरण में चेकिंग की व्यवस्था है। शासन द्वारा नामित संस्था सरयू बाबू इंजीनियरिंग रिसोर्स डेवलपमेंट संस्था यह काम करती है। पहले चरण में खाली जगह की जियो टैगिंग होती है। दूसरे चरण में नींव भरने के बाद, तीसरे चरण में लेंटर डलने से पहले, चौथे चरण में छत पड़ने तथा पांचवें चरण में आवास पूर्ण होने के बाद जियो टैगिंग का प्रावधान है।
प्रधानमंत्री आवासीय योजना शहरी में सर्वे से लेकर मकान पूर्ण होने तक जियो टैगिंग की व्यवस्था है। यह काम नामित संस्था के सर्वेयर करते हैं। नियमानुसार किस्त का पैसा लाभार्थी के खाते में डाला जाता है। वर्तमान में 2500 से अधिक आवेदन पेंडिंग हैं। इनका सत्यापन कराया जा रहा है।
- प्रभात मिश्रा, पीओ डूडा