उन्होंने डीआईओएस एवं बीएसए को निर्देश दिए कि स्कूल के 100 मीटर की परिधि में पान, बीड़ी, गुटखा, तम्बाकू की दुकानें नहीं होनी चाहिए। स्कूलों के आसपास होटल में केबिन व्यवस्था को समाप्त किया जाए। सभी विद्यालयों में प्रहरी क्लब बनाए जाएं। शिक्षक भी विद्यालय में अंदर गुटका, पान, बीड़ी, सिगरेट तम्बाकू का सेवन न करें।
बाल श्रम पर उन्होंने कहा कि बाल श्रम किसी भी दशा में नहीं होने देना है। बाल श्रम के लिए कार्य करने वाले एनजीओ को पंजीकृत किया जाए। उन्होंने औषधि निरीक्षक को निर्देश दिए कि सभी मेडिकल स्टोर पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। आरटीई के तहत गरीब एवं जरूरतमंद बच्चों को निजी विद्यालयों में प्रवेश दिलाए जाएं।
इस दौरान एडीएम सिटी अमित कुमार भट्ट, एसपी क्राइम ममता कुरील, डीडीओ आलोक आर्य, डीसी एनआरएलएम दीनदयाल वर्मा, अध्यक्ष सीडब्लूसी आनन्द पाण्डे, सीएमओ डॉ नीरज त्यागी, जिला प्रोबेशन अधिकारी अजीत कुमार, डीआईओएस, बीएसए, डीएसडब्लूओ, उप नगर आयुक्त, औषधि निरीक्षक समेत विभिन्न थानों के बाल कल्याण अधिकारी मौजूद रहे।