मामला संज्ञान में आने के बाद अध्यक्ष डॉ देवेंद्र शर्मा ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देश दिया था कि किशोरी को बाल संरक्षण गृह भिजवाया जाए, ताकि उसे आवास, स्वास्थय, भोजन, शिक्षा आदि प्राप्त हो सके। इस पर उस समय की जिला प्रोबेशन अधिकारी स्मिता सिंह ने कहा था कि किशारी के पास कर्मियों को भेजा जाएगा। उसके परिजनों की जानकारी जुटाई जायेगी। किशोरी को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के समुचित लाभ भी दिलवाए जायेंगे। आयोग अध्यक्ष के निर्देशों का पालन किया जायेगा।
28 सितंबर को यूपी राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ देवेंद्र शर्मा फिर अलीगढ़ आए और उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की। 10 महीने पहले 3 नंवबर 2023 को किशोरी के बारे में उसके हालात अध्यक्ष को पुन: अमर उजाला डिजिटल ने बयां किए। अतरौली की सामाजिक संस्था स्वराज समिति के सचिव और आरटीआई एक्टिविस्ट सौरभ भारद्वाज ने किशोरी के हालात बताए, वह अध्यक्ष के सामने रखे गए।
बताया जा रहा है कि किशोरी को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। उसके बाद किशोरी को एक टिर्री चालक को सौंप दिया गया। किशोरी की हालत अभी भी ठीक नहीं है। उसके आंख में परेशानी है, मानसिक रूप से भी परेशान है, उचित शिक्षा, भोजन आदि नहीं मिल पा रहा है। उसे किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं दिया गया।
फिर से किशोरी का मामला सामने रखने पर यूपी राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ देवेंद्र शर्मा ने अमर उजाला का आभार जताया। उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी अजीत कुमार, सीडब्ल्यूसी में अलीगढ़ृ का चार्ज देख रहे आनन्द पाण्डे, एडीएम सिटी अमित कुमार भट्ट को निर्देश दिए की किशोरी के लिए जो भी बेहतर हो सकता है, वह करें। अध्यक्ष ने अधिकारियों से कहा कि मैं खुद फोन कर मामले की प्रगति पूछता रहूंगा।