कल्याण सिंह के गांव वाला पैतृक आवास
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राममंदिर आंदोलन के सबसे बड़े नायकों में शुमार रहे पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के पैतृक गांव मढ़ौली में जश्न मनाया जा रहा है। 5 जनवरी को कल्याण सिंह की जयंती है। जयंती की पूर्व संध्या पर गांव मढ़ौली के लोगों ने उनके आवास पर फुलझड़ी जलाते हुए आतिशबाजी की और मिष्ठान वितरित किया। लोगों का कहना था कि ऐसे वीर योद्धा सदियों में कभी कभार जन्म लेते हैं। यह सौभाग्य की बात है, जिस महीने में कल्याण सिंह की जयंती है, उसी माह में अयोध्या में बन रहे भव्य मंदिर में श्रीरामलला विराजमान होंगे।
वयोवृद्ध रिटायर्ड प्रवक्ता डीएस लोधी कहते हैं कि सत्ता का सुख भोगने के लिए तमाम नेताओं को पार्टियां बदलते देखा जा सकता है, लेकिन कल्याण सिंह ऐसे नेता थे। जिन्होंने छह दिसंबर 1992 के ढांचा विध्वंस की घटना के बाद पूरी जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री की कुर्सी त्याग दी थी। उन्होंने देश की राजनीति में एक अलग मुकाम स्थापित किया था। गांव मढ़ौली में महिलाएं और बच्चे भी उनको याद करते हुए गर्व महसूस करते हैं। उनकी वजह से मढ़ौली, अतरौली व अलीगढ़ को देश विदेश में पहचान मिली। बृहस्पतिवार को भगवान सहाय शर्मा, पूरन सिंह ब्रह्मचारी, यज्ञपाल लोधी, होमेंद्र राजपूत, तोताराम, रामबाबू, रतन सिंह, लालबहादुर शास्त्री आदि ने गांव मढ़ौली स्थित कल्याण सिंह के पैतृक आवास पर मिष्ठान वितरित किया। आवास पर बच्चों ने जमकर आतिशबाजी की और फुलझड़ी जलाकर उनको याद किया। बच्चों ने भी उत्सुकता से अपने बाबूजी व राममंदिर आंदोलन से जुड़े कई किस्से बुजुर्गों से जाने।
जयंती मनाने लखनऊ पहुंचे हजारों कार्यकर्ता
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह के लखनऊ के मॉल एवेन्यू स्थित सरकारी पर कल्याण सिंह की जयंती मनाई जा रही है। इसी आवास पर कल्याण सिंह का जन्म दिन मनाया जाता था। इस बार 5 जनवरी को होने वाले कार्यक्रम में शामिल होने के लिए हजारों की संख्या में कार्यकर्ता लखनऊ पहुंच गए हैं। लखनऊ में ही कल्याण सिंह के बेटे एटा सांसद राजवीर सिंह, पुत्रवधू प्रेमलता वर्मा पूर्व विधायक समेत पूरा परिवार मौजूद है।
अवंतीबाई चौराहे पर होगा हवन
नगर के अवंतीबाई चौराहा स्थित अवंतीबाई पार्क में लगी कल्याण सिंह की प्रतिमा के के समक्ष शुक्रवार को कार्यकर्ता हवन यज्ञ करेंगे। इसके लिए नगर पालिका की ओर से साफ सफाई व सजावट कराई गई है।