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CBI Raid: कारोबारी अक्की के घर छापेमारी ने छुड़ाए कारोबारियों के पसीने, सीबीआई को भेजा मानहानि नोटिस

Fri, 09 Aug 2024 11:48 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

सबकी जुबां पर पहला सवाल तो यही था कि वजह क्या है? किस मामले में टीम आई है? हालांकि अक्की टीम के हाथ नहीं लगा। मगर दोपहर होते-होते परिवार ने वह सर्च वारंट करीबियों को भेज दिया, जिसके चलते टीम आई थी। उसकी जांच पर जानकारी के बाद सभी ने राहत महसूस की।
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कारोबारी अमित गोयल के घर से जांच के बाद बाहर आते सीबीआई के अधिकारी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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आगरा के बेलनगंज से आकर अलीगढ़ में बसे कारोबारी अमित गोयल उर्फ अक्की ने तीन दशक में शहर के लोहा-प्रॉपर्टी आदि कारोबार में गहरी पैठ बनाई है और कई बड़े नामी कारोबारियों संग व्यापार में निवेश किया है। दिन निकलने के बाद जब अक्की के घर सीबीआई के छापे की खबर शहर में फैली तो तमाम कारोबारियों के पसीने छूट गए।

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सबकी जुबां पर पहला सवाल तो यही था कि वजह क्या है? किस मामले में टीम आई है? हालांकि अक्की टीम के हाथ नहीं लगा। मगर दोपहर होते-होते परिवार ने वह सर्च वारंट करीबियों को भेज दिया, जिसके चलते टीम आई थी। उसकी जांच पर जानकारी के बाद सभी ने राहत महसूस की।

मैं वीएस मैटलिक फर्म से लोहा खरीदता था। यह लोहा अलीगढ़ की ताला फर्मों को सप्लाई होता था। इसी क्रम में मैंने 47 लाख रुपये का एक मर्तबा भुगतान इस फर्म को माल मंगाने के लिए किया। न तो आज तक रकम वापस मिली और न माल मिला। इसी बीच इस फर्म पर सीबीआई ने ऋण के गबन का मुकदमा दर्ज किया। मेरी तरह इस फर्म से व्यापार करने वाले 250 लोगों से पूछताछ हुई। मुझे भी बुलाया गया। मुझे पहले गवाह माना गया। मैं पहली बार में सभी साक्ष्य देकर आया। इसके बाद करीब 18 बार मुझे बतौर गवाह नोटिस आए। मगर मैंने जाने से इन्कार कर दिया। इनकी तलबी के खिलाफ राजस्थान हाईकोर्ट में अपील की। इसी में अब मुझे बेवजह परेशान करने के इरादे से आरोपी बनाकर टीम गलत तरीके से सर्च वारंट लेकर आई है। इस मामले में भी मैं टीम के खिलाफ अदालत जाऊंगा। मेरा इस तरह के गबन से कोई लेना देना नहीं है। - अमित गोयल, कारोबारी

ये हुआ घटनाक्रम

तीन गाड़ियों से साईं विहार पहुंची टीम ने सुबह दरवाजे पर दस्तक दी और अमित के विषय में पूछा। मगर बताया गया है कि अमित का एक बेटा आगरा में उपचार पा रहा है। टीम के आने के दौरान ही वह घर से निकल गए थे। घर में दादा-दादी, माता-पिता, पत्नी व दूसरा बेटा मौजूद था। टीम के आने पर परिवार ने दरवाजा नहीं खोला। बाद में अधिवक्ता से अमित की पत्नी ने बात कराई, तब टीम ने वारंट अमित की पत्नी को रिसीव कराया और घर में घुसी।

इस खबर पर व्यापारी नेता अनुराग गुप्ता, सपा महानगर अध्यक्ष अब्दुल हमीद घोषी, जिला महासचिव मनोज यादव, व्यापार मंडल से हरिकिशन वाष्र्णेय, नवीन गुप्ता, पिंटू, रवि वार्ष्णेय, अनिल वर्मा, उमेश श्रीवास्तव आदि पहुंच गए। उन्होंने अमित की गैर मौजूदगी में घर में प्रवेश पर विरोध किया। मगर स्थानीय पुलिस ने इन्हें किसी तरह समझाकर शांत किया। इसके बाद टीम घर के अंदर जांच व तलाशी लेती रही। जाते समय मीडियाकर्मियों ने टीम से बातचीत का प्रयास किया। मगर टीम ने कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया।

इस मुकदमे से है संबंध
सीबीआई एसीबी जयपुर की ओर से दिल्ली एसीएमएम-2 नंबर कोर्ट से सर्च वारंट जारी किया गया। 22 जुलाई से 16 अगस्त तक के लिए प्रभावी वारंट के अनुसार मुकदमा यूनियन बैंक इंडिया दिल्ली रीजनल ऑफिस की ओर से जारी है, जिसमें वीएस मैटलिक प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक राकेश गुप्ता, अर्चना गुप्ता, अनीता मित्तल व कुछ सरकारी सेवक आरोपी हैं। इस मुकदमे के अनुसार इस फर्म पर 55 करोड़ रुपये के बैंक ऋण के गबन का आरोप है। इसी मुकदमे में बतौर साजिश का अभियुक्त अमित गोयल को बताया गया है। इस मुकदमे की विवेचना जयपुर सीबीआई की एसीबी एएसपी संजय दुबे की अगुवाई में कर रही है, जिसमें सर्च के संबंध में टीम यहां आई। इस दौरान घर से कुछ प्रपत्र लेकर गई है।
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सीबीआई को भेजा मानहानि नोटिस

इस विषय में कारोबारी अमित के सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता कनिष्क सिन्हा ने बताया कि इस मुकदमे में अब तक मेरे मुवक्किल को सीबीआई जयपुर ने बतौर गवाह तलब कर नोटिस भेजे थे। जिसे हमने राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दी। जिसमें राजस्थान उच्च न्यायालय के समक्ष हलफनामा दायर किया कि अमित गोयल एक गवाह हैं और वह अन्य दोषियों को पकड़ने के लिए उनकी मदद चाहते हैं। उनके साथ कोई गलत नहीं किया जाएगा।

कुछ दिन बाद 27 जुलाई को बतौर अभियुक्त नोटिस भेजा। उसके खिलाफ भी राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती थी। उसके जवाब में सीबीआई ने आठ सप्ताह का समय मांगा। इसी बीच अब राजस्थान और दिल्ली सीबीआई कोर्ट के बजाय दूसरी कोर्ट से सर्च वारंट लेकर यहां पहुंची है। यह सर्च गलत है। इसमें नियमों की अनदेखी की गई है। धारा-78 का पालन किए बिना दिल्ली एसीएमएम कोर्ट से सर्च वारंट जारी लिया है। मामला राऊज एवेन्यू में विशेष न्यायाधीश सीबीआई पीसी एक्ट, 11वीं कोर्ट के समक्ष चल रहा है। इसे लेकर एसीपी संजय दुबे को मानहानि नोटिस दिया गया है। उन्होंने अगर 24 घंटे में इस मामले में माफी नहीं मांगी तो उनके खिलाफ मानहानि मुकदमा दायर किया जाएगा।

ये है टाइम लाइन
  • 8:30 बजे सुबह सीबीआई ने दी दस्तक
  • 10:30 बजे करीब घर में हो सका प्रवेश
  • 4:29 बजे घर के बाहर निकली टीम
  • 4:35 बजे गंतव्य के लिए रवाना हुई
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