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अलीगढ़ः दो फर्जी रोडवेज बसें पकड़ीं, चालक-परिचालक गिरफ्तार

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जनपद से फर्रुखाबाद-अलीगंज और आनंद विहार-कौशांबी रूट पर दौड़ रही दो फर्जी रोडवेज बसों को पुलिस ने अकराबाद और शाहकमाल रोड से पकड़ा है। रोडवेज अधिकारियों ने बताया कि करीब तीन साल से गिरोह इस धंधे को अंजाम दे रहा है। अनुमान के मुताबिक ये दोनों बसें तीन लाख से अधिक सवारियों को अब तक ढो चुकी हैं। पुलिस ने दोनों बसों के साथ चालक-परिचालक को गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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गांधीपार्क थाने के उप निरीक्षक डॉ. अमित मलिक, कांस्टेबिल पुष्पेंद्र कुमार, विष्णु कुमार ने पुराने बस स्टैंड के पास शाहकमाल रोड से यूपी 13 एटी 1370 नंबर की फर्जी रोडवेज बस को पकड़ा। चालक-परिचालक बुलंदशहर के सौदा हबीपुर गांव निवासी विनोद कुमार व आबिद को गिरफ्तार किया है। परिवहन निगम की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसके अलावा, अकराबाद थाना पुलिस ने भी फर्जी रोडवेज बस को पकड़ा है। इसका संचालन अलीगढ़ से फर्रुखाबाद-अलीगंज बताया जा रहा है।
रोडवेज बस की तरह रंग रूप के साथ होता है स्लोगन
पकड़ी गईं ये बसें उप्र परिवहन निगम की बसों के रंग रूप की तरह थीं। आपका अपना साथी, उत्तर प्रदेश, स्वच्छ ईधन से संचालित जैसे स्लोगन भी बस पर मिले। पुलिस ने बताया कि चालक-परिचालक चौराहों पर आवाज लगाकर यात्रियों को बैठाते थे। रास्ते में जब यात्री टिकट लेते थे। तब पता चलता कि यह सरकारी बस नहीं है।
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चालान भरकर भी कमा लेते थे 40 हजार तक
- फर्जी रोडवेज बसों के पकड़े जाने पर अब तक सिर्फ चालान होता था। लगातार पकड़े जाने वाली बसों को सीज किया जाता था। अब तक इन बसों पर 10-15 हजार का जुर्माना लगाया जाता था। ऐसे प्रकरणों में बस मालिक जुर्माना राशि अदा करके बस को ले जाते थे। जिस दिन चालान हुआ है, उस दिन कोई और चालान नहीं होता था। साथ ही बस को भी कोई रोकता नहीं था। ऐसे में बस संचालक 10-15 हजार का चालान भरकर 30 से 40 हजार रुपये कमा लेते थे।
- जिले में ऑपरेशन-420 के तहत फर्जी रोडवेज बसों को लेकर मिल रही सूचनाओं और इसके पीछे चल रहे सिंडीकेट को लेकर पुलिस टीमें काम कर रही हैं। जैसे जैसे सूचनाएं पुख्ता होती जा रही हैं, उसी के अनुसार गिरफ्तारी की जा रही है। जल्द ही सिंडीकेट पर बड़ी कार्रवाई की जाएगी। - कलानिधि नैथानी, एसएसपी
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