जब लोगों ने उसे बल प्रयोग कर पकड़ा तो उसने अपना नाम फरीद उर्फ औरंगजेब बताया। साथियों के नाम सलमान, मोहम्मद जकी, आशू पान वाले का लडक़ा, अकबर नाम बताए। रेकी में अपने अलावा फरीद, नवाब, शमीम व दो अज्ञात साथी भी बताए। स्वीकारा कि वह कई दिन से रेकी कर रहे थे। उस रात भी रेकी करने आए थे। इसी बीच आए ससुर ने पुलिस को खबर दी। तब पुलिस उसे जख्मी हालत में अस्पताल लेकर गई। वह खुद थाने तहरीर लेकर गई, मगर पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। अब एसएसपी के आदेश पर डकैती व छेड़खानी की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है।
औरंगजेब की हत्या में उसी रात छह लोग गिरफ्तार कर जेल भेज गए। भाजपा व व्यापारी पक्ष उसी दिन से मुकदमा कराने की जिद पर अड़े थे। पहले दिन तहरीर दी गई थी। मगर बाद में दूसरी तहरीर दी गई। जिस पर शासन का इशारा मिलने पर मुकदमा लिखा गया है। एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक के अनुसार मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बाकी विवेचना के साक्ष्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।