उसने बताया कि उसके आठ साथी और घटना में शामिल थे। योजनाबद्ध तरीके से पांच लोग मैक्स लेकर 30 अक्तूबर को तालानगरी आ गए। चार लोग माल बेचने व छिपाने के लिए हाथरस में ही ठहर गए। तालानगरी में सरिया लदे कैंटर पर चालक नहीं था। मास्टर चाबी से कैंटर को स्टार्ट कर सादाबाद मुरसान रोड पहुंच गए। जहां चारों साथियों ने सुनील नामक व्यक्ति के खाली प्लाट में सरिया टेंट के गद्दों से ढक कर छिपा दिया। खाली कैंटर को मुरसान में खाली मैदान में खड़ा कर दिया।
पुलिस ने कैंटर, सरिया और घटना में प्रयुक्त मैक्स लोडर बरामद कर तीन लोगों को दबोच लिया। जिसमें रॉकी पुत्र रामप्रकाश निवासी चाचपुर थाना चंदपा हाथरस, कमल पुत्र मानसिंह निवासी लगला अलगर्जी थाना हाथरस गेट और सुनील पुत्र ओमप्रकाश निवासी लुहेटा खुर्द थाना मुरसान हाथरस को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। घटना का मास्टर माइंड सुमित पुत्र छोटे लाल निवासी भदेसी थाना गांधीपार्क, जयसिंह पुत्र जयपाल सिंह निवासी झींगुरा थाना चंदपा हाथरस, भूरा पुत्र अजुद्दीन निवासी रोहेरी थाना हाथरस गेट, सुनील पुत्र गुड्डू निवासी रोहेरी थाना हाथरस गेट, योगेश पुत्र बहादुर निवासी चाचपुर थाना चंदपा हाथरस और राहुल पुत्र ओमवीर निवासी नगला अलगर्जी थाना हाथरस फरार हैं। गिरफ्तार करने वाली टीम में थानाध्यक्ष रवि चन्द्रवाल, एसएसआई इशाक हुसैन, एसआई घनश्याम सिंह, एसआई महीपाल सिंह, हवलदार कप्तान सिंह, आरक्षी अभिषेक कुमार शामिल रहे।
मुख्य बिंदु
- 31 अक्तूबर से 4 नवंबर शाम पांच बजे तक-86 घंटे
- अलीगढ़ से एटा की दूरी- लगभग 73 किमी
- 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले
- 12 टन सरिया
- तीन आरोपी दबोचे
- मास्टर माइंड सहित छह और फरार
- मास्टर चाबी बनाकर चालू किया था कैंटर