6-7 घंटे तक राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक शिविर स्थल के आसपास गांव और मोहल्लों में साफ-सफाई और लोगों को जागरूक करते हैं, लेकिन उन पर नाश्ता और दोपहर के खाना के नाम पर केवल 20 रुपये खर्च किए जाते हैं, जो नाकाफी बताए जा रहे हैं।
राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय संबद्ध अलीगढ़, एटा, कासगंज और हाथरस में एनएसएस की 40 इकाइयां हैं। हर इकाई में 100-100 स्वयंसेवक हैं। स्वयंसेवकों के लिए दो शिविर लगते हैं। इनमें एक विशेष शिविर दिन का होता, जबकि दूसरा दिन-रात का होता है। शिविर पांच और सात दिन के होते हैं। विशेष शिविर में 20-20 रुपये और दिन-रात शिविर में हर स्वयंसेवक के हिसाब से 100-100 रुपये आवंटित किए जाते हैं। स्वयंसेवकों का कहना है कि 20-20 रुपये काफी कम हैं। यह धनराशि बढ़नी चाहिए।
एनएसएस के विशेष शिविर में 20-20 रुपये और दिन-रात शिविर में हर स्वयंसेवक के हिसाब से 100-100 रुपये आवंटित किए जाते हैं। इस साल उत्तर प्रदेश शासन की ओर से सभी महाविद्यालयों की राष्ट्रीय सेवा योजना के 2022-23 के वित्तीय अनुदान के लिए सीएनए खाता खुलवाए गए हैं। शीघ्र नई परिवर्तित दर के अनुसार वित्तीय अनुदान शासन से भेजा जाएगा। सभी गतिविधियों पर होने वाले व्यय का खर्च का समायोजन हो पाएगा। मंडल के 16 महाविद्यालय में रोड सेफ्टी क्लब सड़क सुरक्षा जागरुकता कार्यक्रम के लिए पांच-पांच हजार रुपये की स्वीकृति की जा चुकी है।
-प्रो.नीता वार्ष्णेय, कार्यक्रम समन्वयक राष्ट्रीय सेवा योजना, आरएमपीयू
ऑनलाइन मिलेगा प्रमाण पत्र
राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों को अब ऑनलाइन प्रमाण पत्र मिलेंगे। शिविर में शामिल में स्वयंसेवकों की ऑनलाइन हाजिरी होती है। कार्यक्रम अधिकारी की रिपोर्ट के बाद विवि के एनएसएस के कार्यक्रम समन्वयक की संस्तुति के बाद एनएसएस के पोर्टल पर ब्योरा अपलोड जाता है। पोर्टल से स्वयंसेवक अपना प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।