अलीगढ़ के महेंद्र नगर हनुमानपुरी इलाके में जल मूल्य के बिल संबंधी एक मामले में उपभोक्ता फोरम की अदालत ने बिल निरस्त करने का आदेश दिया है। यह आदेश बिना जल संयोजन के बिल भेजने के मामले में नगर आयुक्त व जीएम जल के खिलाफ दायर याचिका में दिया है। आदेश जिला उपभोक्ता न्यायालय के अध्यक्ष न्यायाधीश हसनैन कुरैशी, सदस्य आलोक उपाध्याय व पूर्णिमा सिंह की पीठ ने संयुक्त रूप से सुनाया है।
यह याचिका महेंद्र नगर हनुमानपुरी के शंकरलाल की ओर से दायर की गई। जिसमें कहा गया था कि उसके यहां वर्ष 2014 से कोई जल संयोजन नहीं है और न इलाके में पेयजल आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछी है। बावजूद इसके उसके घर पर नगर निगम स्तर से 11669 रुपये का बिल भेज दिया। मामले में नगर आयुक्त व जीएम जल को आरोपी बनाते हुए बिल निरस्त कराने व हर्जाना आदि देने का अनुरोध किया गया।
नगर निगम की ओर से दलील दी गई कि शंकरलाल के यहां संयोजन था, उसी का बिल भेजा गया है। इस पर शंकर लाल की ओर से साक्ष्य पेश किए गए कि 2014 में सड़क बनने के दौरान संयोजन काटा गया और बिछी हुई पाइपलाइन उखाड़ दी गई। इसके बाद कोई संयोजन नहीं है और न कोई पाइपलाइन इलाके में है। न्यायालय ने इसे आधार मानते हुए बिल निरस्त करने का आदेश दिया है। साथ में चेतावनी दी है कि आदेश का पालन न होने पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।