नमहानगर के बन्नादेवी क्षेत्र की कांशीराम आवासीय कॉलोनी जुलाई माह में घटित नोएडा की किशोरी का बाल विवाह व धर्म परिवर्तन मामले में तीन आरोपियों की जमानत खारिज की गई है। यह जमानत एडीजे विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट नंद प्रताप ओझा के न्यायालय से खारिज की गई है।
अभियोजन पक्ष से विशेष लोक अभियोजन महेश चंद्र ने जानकारी देते हुए बताया कि इसी वर्ष 3 जुलाई को एक सूचना के आधार पर पूर्व मेयर शकुंतला भारती घटनास्थल पर पहुंचीं। जहां पाया कि नोएडा की नाबालिग किशोरी का बाल विवाह कराया जा रहा है। इस दौरान विरोध पर पूर्व मेयर पर हमला भी बोला गया। बाद में किशोरी ने धर्म परिवर्तन का भी आरोप लगाया। इस मामले में मुकदमे के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की। मामले में आरोपी अली हसन निवासी डूडा कॉलोनी, उसकी पत्नी जैबुनिशा के अलावा एक अन्य महिला मुवीना की जमानत खारिज की गई है।
मारपीट के आरोपी मां-बेटे को सजा
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम विधि सिंघल के न्यायालय से मारपीट के मुकदमे में आरोपी मां-बेटे को सजा सुनाई गई है। एपीओ हेमंत सिंह के अनुसार घटना 29 जून 2013 की मडराक की है। इस घटना में सुनीता नाम की महिला को मिलकर आरोपी सचिन व उसकी मां गंगा देवी द्वारा पीटा गया। मामले में सुनीता के पति कालीचरण की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया। मामले में न्यायालय ने तीन साल की सजा व एक-एक हजार रुपये जुर्माने से आरोपियों को दंडित किया है।