आरोपी को मुठभेड़ के बाद जब जिला अस्पताल लाया गया तो मीडिया से बातचीत में उसने मुठभेड़ पर सवाल उठाए। कहा कि वह 5 जून सुबह छह बजे ही अपने मुकदमे की तारीख के सिलसिले में अलीगढ़ आया था। भुजपुरा में रिश्तेदार के घर रुका हुआ था। तभी सात बजे पुलिस उसे उठा ले गई। बाद में उसे किसी स्थान पर रखा और रात को आंखों पर पट्टी बांधकर एकांत में ले जाकर उसके पैर में गोली मार दी। इसका वीडियो भी प्रसारित हो गया है।
साजिशन तो नहीं हो रहीं ये घटनाएं
रेलवे ट्रैक के सहारे संरक्षित पशु के अवशेष मिलने की यह पिछले तीन दिन में दूसरी घटना है। इसी तरह से एक दिन पहले पशु अवशेष क्वार्सी इलाके में मंजूरगढ़ी के पास मिले थे। उन्हें पुलिस ने ट्रेन से संरक्षित पशु का कटना माना था। इसके बाद यह घटना लोधा में हुई। जिसमें संरक्षित पशु कटान के संकेत मिलने पर कार्रवाई की है। इसके पीछे जानबूझकर ट्रैक के सहारे संरक्षित पशु कटान की घटना साजिशन लग रही है। इस पहलू पर भी पुलिस जांच कर रही है।
चाहत को मुठभेड़ में ही पकड़ा गया है। वह संरक्षित पशु कटान का पेशेवर अपराधी है। उसका लंबा-चौड़ा आपराधिक रिकार्ड है। हर अपराधी अपराध से बचने के लिए इसी तरह के अनर्गल बात करता है। जब उसके साथी पकड़े जाएंगे तो सच सामने आ जाएगा। बाकी साक्ष्य हमारे पास हैं। वह कब और कहां से पकड़ा, इसमें कोई संदेह नहीं है।-शुभेंदु अधिकारी, सीओ गभाना