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मधुमेह : एएमयू के वैज्ञानिकों ने पैर के अल्सर के इलाज के लिए नई तकनीक खोजी

Thu, 23 Dec 2021 05:42 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

प्रो. असद ने बताया कि मधुमेह ग्रस्त चूहों में पैर के अल्सर का सफलतापूर्वक इलाज से वह संतुष्ट हैं, जिनका इलाज बहु-दवा प्रतिरोधी स्ट्रेन मध्यस्थता संक्रमण के कारण किसी भी उपलब्ध एंटीबायोटिक से नहीं किया जा सका था।
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फाइल फोटो - फोटो : iStock
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विस्तार
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मधुमेह के रोगी अब राहत की सांस ले सकते हैं, क्योंकि घाव वाले पैर को कटने से बचाया जा सकता है। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) की इंटरडिसिप्लिनरी बायो टेक्नोलॉजी यूनिट के प्रो. असद उल्लाह खान की अगुवाई में वैज्ञानिकों की टीम ने तकनीक खोजी है, जिन्होंने क्रोनिक डायबिटिक फुट अल्सर के इलाज के लिए ‘नैनो कंपोजिट बेस्ड फोटो- डायनामिक थेराप्यूटिक एप्रोच’ का प्रयोग करके एक नई तकनीक ईजाद की है।

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नेचर पब्लिशिंग ग्रुप की पीयर रिव्यू ‘साइंटिफिक रिपोर्ट’ में प्रकाशन के लिए स्वीकार किए गए उनके उल्लेखनीय पेटेंट किए गए अध्ययन, डेटा और कार्य पशु मॉडल में सफल रहे हैं। इस तकनीक की सहायता से मधुमेह से ग्रस्त चूहों में पैर के अल्सर का इलाज सफल रहा है।

प्रो. असद ने बताया कि मधुमेह ग्रस्त चूहों में पैर के अल्सर का सफलतापूर्वक इलाज से वह संतुष्ट हैं, जिनका इलाज बहु-दवा प्रतिरोधी स्ट्रेन मध्यस्थता संक्रमण के कारण किसी भी उपलब्ध एंटीबायोटिक से नहीं किया जा सका था। उन्होंने कहा कि नई विकसित तकनीक से 14 दिनों की अवधि में पशु मॉडल ठीक हो गए। उनकी टीम पिछले दो वर्षों से उपचार की प्रभावशीलता को साबित करने में लगी हुई है। मानव में इस अध्ययन का परीक्षण जारी है।
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नई तकनीक बन जाएगी अंतिम खोज : प्रो. असद
प्रो. असद ने बताया कि स्वतंत्र अध्ययनों से पता चलता है कि दुनिया भर में चंद मिनट में मानव का एक अंग काटा जाता है और यह वास्तविकता और भी अधिक कठोर हो जाती है, जब मालूम होता है कि इनमें से अधिकतर विच्छेदन मधुमेह के पैर के अल्सर का परिणाम है, इसलिए अंगों और जीवन को बचाने के लिए एक उचित उपचार का मिलना महत्वपूर्ण है। प्रो. असद ने कहा कि उम्मीद की जाती है कि मधुमेह के पैर के अल्सर के लिए बहुप्रतीक्षित उपचार की खोज के लिए यह नई तकनीक अंतिम खोज बन जाएगी। दुनिया को यह जरूर मालूम होना चाहिए कि इस संक्रमण की रोकथाम के लिए घावों को ठीक करने, मृत त्वचा और ऊतक को हटाने, ड्रेसिंग लगाने और रक्त ग्लूकोज और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की जांच करने के अलावा और भी कुछ किया जा सकता है।

चूहों को बनाया मधुमेह रोगी
प्रो. असद ने बताया कि पहले चूहों को प्रोटोकाल के तहत मधुमेह रोगी बनाया गया। उनका शुगर लेवल जांचा गया। इसके बाद मधुमेह ग्रस्त चूहों में पैर के अल्सर का इलाज किया गया, जिसमें सफलता मिली।

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